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कीचड़ से शोभायात्रा गुजरने से साधु संत हुए नाराज

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मेला रामनगरिया में यात्रा में शामिल साधु। - फोटो : FARRUKHABAD
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मेला रामनगरिया में बुधवार को साधु संतों ने भगवान शंकर व पार्वती की झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली। इसमें एक रथ पर विराजमान साधु संतों ने लाइसेंसी बंदूकें लिए थे। शोभायात्रा के रास्ते में कीचड़ होने से साधु संतों ने नाराजगी जताई। शोभा यात्रा में भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहे।
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पांचाल घाट गंगा तट पर लगे मेला रामनगरिया में एक पखवारा समाप्त होने के बाद शोभायात्राओं की धूम मची है। बुधवार को श्रीपंचदश नाम अखाड़ा दशाश्वमेघ घाट काशी क्षेत्र के महंत सोमवारपुरी की अध्यक्षता में षड दर्शन संत समिति की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा परिक्रमा मार्ग होते हुए गंगा तट पर पहुंची। वहां पर पूजा अर्चना की।
यात्रा में शिव-पार्वती की झांकी शामिल रही। साथ ही एक रथ पर साधु-संत विराजमान थे जिनके हाथों में तलवार व लाइसेंसी बंदूकें थीं। इस दौरान भगवान भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहे। यात्रा के परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह पर कीचड़ भरे होने से साधु संतों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रा परिक्रमा मार्ग से होते हुई आश्रम पर पहुंची और वहीं समापन हुआ।
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इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। सोमवारपुरी महाराज ने कहा कि शोभायात्रा से यह संदेश दिया कि धर्म की रक्षा करना पहला धर्म है। इस दौरान सरवन गिरी, रामानंद गिरी, लखन गिरी, सूरज दास, ज्ञानार्थी महाराज आदि मौजूद रहे।
महंत सोमवारपुरी ने मेला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शोभायात्रा की सूचना मेला व्यवस्थापक को एक दिन पहले दी गई थी। इसके बाद भी परिक्रमा मार्ग को सही नहीं कराया गया है। जिससे यात्रा में शामिल कई साधु संत कीचड़ से गुजरे तो गिरते हुए बचे। उनको अन्य साधुओं ने पकड़ कर पार कराया।
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