जहानगंज थाने में रजिस्टर देखते डीआईजी।
- फोटो : स्रोत: पुलिस
फर्रुखाबाद/जहानगंज। गांव कोरीखेड़ा निवासी बालक का अपहरण कर हत्या करने के मामले में डीआईजी ने तीन दिन में खुलासा न होने से कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसमें थानाध्यक्ष सहित कई पुलिस कर्मी कार्रवाई के घेरे में हैं। डीआईजी के सख्त रुख के बाद सक्रिय पुलिस ने मंगलवार को ताबड़तोड़ दबिश दी।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव कोरीखेड़ा निवासी चंद्र प्रकाश गुप्ता का बेटे आशुतोष (10) का 10 दिसंबर को अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने 11 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज की। परिजन का आरोप है कि नामजद तहरीर देने के बाद भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई। 14 दिसंबर को आशुतोष की हत्या कर शव आलू के खेत में फेंक दिया गया। डीआईजी हरीश चंदर ने सोमवार देर रात घटना के संबंध में पूरी जानकारी लेकर पुलिसिया कार्रवाई की समीक्षा की तो पुलिस की लापरवाही सामने आई।
बालक के अपहरण के बाद हलका इंचार्ज तीन दिन के अवकाश पर चले गए थे। मामले की विवेचना दरोगा रामबाबू को दे दी गई थी। बाद में उनकी सक्रियता पर भी सवाल उठे। थाने में समीक्षा करने के बाद डीआईजी ने जहानगंज थानाध्यक्ष राजेश राय सहित सभी को पुलिस लाइन बुलाया। उन्होंने अपराध समीक्षा के दौरान नाराजगी जताते हुए तीन दिन में घटना का खुलासा न होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कार्रवाई के संबंध में एसपी को भी निर्देश दिए।। मंगलवार को सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, सीओ अभय वर्मा थाने पहुंचे। इसके बाद सीओ कोरीखेड़ा जाकर बालक के पिता व परिजनों से एक बार फिर पूछताछ की। बताया गया कि नामजद दो आरोपी 14 दिसंबर को शव मिलने से आधा घंटे पहले घटनास्थल की ओर से आ रहे थे। पीछा करने पर दोनों आरोपी गांव न्यायमतपुर की ओर भाग गए। सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद न्यामपुर निवासी नामजद आरोपी के घर जाकर पूछताछ की। पता चला कि शव मिलने के आधा घंटे पहले भागते देखे गए दो आरोपी न्यामतपुर निवासी एक नामजद आरोपी के पास गए थे और 10 हजार रुपये उधार लेकर चले गए थे।
जहानगंज थाने में रजिस्टर देखते डीआईजी।- फोटो : स्रोत: पुलिस