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Farrukhabad News: दरोगा ने अज्ञात पर लिखाई रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार

Tue, 07 Oct 2025 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-32, हादसे के बाद क्षतिग्रस्त भवन को देखते लोग। संवाद
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फर्रुखाबाद। दि सन लाइब्रेरी स्टडी प्वाइंट कोचिंग सेंटर में विस्फोट के मामले में आईटीआई चौकी प्रभारी ने रविवार देर रात अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
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आगे की कार्रवाई के लिए अफसरों को फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है। अभी तक की गई कार्रवाई में मृतक दोनों छात्रों और घायलों के परिजनों को न्याय मिलता नहीं दिख रहा है।
कादरीगेट थाने के सातनपुर-सेंट्रल जेल मार्ग पर कोचिंग सेंटर के बाहर बने सीवर टैंक पर चार अक्टूबर की दोपहर तीन बजे भीषण विस्फोट हुआ था। इस घटना में सेंट्रल जेल निवासी दरोगा के पुत्र आकाश सक्सेना (24), निनौआ निवासी आकाश कश्यप (22) की मौत हो गई थी। इसके अलावा कोचिंग पढ़ रहे करीब 10 छात्र घायल हुए थे। इनमें दो की हालत गंभीर होने पर कानपुर में इलाज चल रहा है।
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विस्फोट के बाद एसटीएफ लखनऊ, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, कन्नौज की फॉरेंसिक टीम के अलावा आईजी समेत स्थानीय अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। कोई भी अधिकारी अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा।
उधर, रविवार देर रात आईटीआई चौकी प्रभारी विशेष कुमार की तहरीर पर थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अब अफसरों को इस पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने के लिए फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट का इंतजार है।
एसपी की मानें तो दोनों मृतक छात्रों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बारूद नहीं पाया गया है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट मंगलवार को मिलने की संभावना है, उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

कोचिंग संचालक व भवन स्वामी पर रिपोर्ट नही दर्ज

फर्रुखाबाद। जेल के पास स्थित कोचिंग में विस्फोट के तीसरे दिन भी पुलिस ने कोचिंग संचालकों व भवन स्वामी पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। विस्फोट की वजह मीथेन हो या फिर बारूद, अवैध कोचिंग संचालित करने वाले युवक अभी तक आरोपी नहीं बनाए गए।
वहीं भवन में मानकविहीन सीवर टैंक बनवाने व बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले भवन स्वामी को भी आरोपित नहीं बनाया गया है। एजेंसियाें की जांच रिपोर्ट की आड़ में घटना के दोषी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। शिक्षा विभाग को भी अवैध कोचिंग की भनक नहीं लगी। (संवाद)







दो दिन में देनी थी जांच रिपोर्ट

जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने घटना के दिन ही जांच टीम गठित कर दो दिनों में रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए थे। घटना के तीन दिन बीतने के बाद भी अबतक जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी है। मानकविहीन भवन में संचालित कोचिंग और भवन का व्यावसायिक उपयोग किस तरह हो रहा था। जांच के सभी बिंदु अफसरों की डायरी में कैद पड़े हैं। वहीं, अवैध ढंग से कोचिंग संचालन और दुर्घटना पर अबतक कार्रवाई न होने के सवाल पर डीआईओएस नरेंद्र पाल सिंह बताते है कि जल्द ही दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।





कमेटी आज सौंपेगी अपनी रिपोर्ट



दो दिन में जांच रिपोर्ट न सौंपे जाने व भवन स्वामी पर अबतक एफआईआर दर्ज न करवाने के सवाल पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल ने बताया कि कमेटी भवन के मानक, अग्निशमन, सुरक्षा के मानकों के अलावा गतिविधियों पर भी जांच चल रही है। इस जांच में फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट को भी शामिल किया जाएगा। मंगलवार जांच पूरी करने के साथ ही कमेटी अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप देगी।





पहले संचालित था अस्पताल, एनओसी के लिए दिया गया था नोटिस

फर्रुखाबाद। कोचिंग सेंटर में हुए धमाके की गूंज से लोग अब तक सिहर उठते हैं। मामले की जांच में अग्निशमन विभाग ने मीथेन गैस से हादसे की आशंका जताई है। भवन के अंदर और आसपास से एकत्र किए गए नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी आशीष वर्मा ने बताया कि घटनास्थल की जांच में यह बात सामने आई है कि जिस भवन में कोचिंग सेंटर चल रहा था, वहां पहले एक निजी अस्पताल संचालित होता था। अस्पताल संचालन के दौरान फायर एनओसी के लिए नोटिस जारी किया गया था, परंतु बाद में जब अस्पताल बंद हुआ तो भवन को कोचिंग सेंटर के रूप में उपयोग किया जाने लगा।
फायर विभाग की प्राथमिक जांच में यह संभावना व्यक्त की गई है कि भवन के बंद हिस्से में जमा हुई मीथेन गैस के कारण विस्फोट हुआ होगा। बताया कि घटनास्थल से राख और जले पदार्थों के नमूने एकत्र कर वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
फिलहाल किसी भी प्रकार की लापरवाही या साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। कहा कि जिले में चल रहे कोचिंग संस्थानों, निजी स्कूलों और हॉस्टलों की अग्निशमन सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच की जाएगी। जिन भवनों में फायर एनओसी नहीं है, उन्हें तुरंत नोटिस जारी किए जाएंगे। (संवाद)

फोटो-32, हादसे के बाद क्षतिग्रस्त भवन को देखते लोग। संवाद

फोटो-32, हादसे के बाद क्षतिग्रस्त भवन को देखते लोग। संवाद

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