सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर गंभीर हालत में ले जाई गई मासूम को रेफर कर दिया गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने सीएचसी में समुचित इलाज न मिलने और एंबुलेंस देर से आने से बच्ची की मौत होने का आरोप लगाया। गांव समैचीपुर चितार निवासी शान मोहम्मद व उनकी पत्नी तराना दो माह की पुत्री की हालत बिगड़ने पर दोपहर में उसे सीएचसी लेकर पहुंचे थे। बच्ची का ऑक्सीजन लेबल कम बताकर उसे सीएचसी से लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। कुछ देर बाद बच्ची की सीएचसी में ही मौत हो गई। परिजनों ने सीएचसी में समुचित इलाज न मिलने और काफी देर तक एंबुलेंस न आने से बच्ची की मौत होने का आरोप लगाया। प्रधान तारा बानो के पुत्र सिजवान ने बताया कि यदि समय से एंबुलेंस मिल जाती तो बच्ची की जान बच सकती है। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि एंबुलेंस का संचालन सीधे लखनऊ से होता है। इससे एंबुलेंस देरी से पहुंचने के मामले में उनका कोई लेना-देना नहीं है।