फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरी परीक्षण कराने पहुंचे घायल को डेढ़ घंटे तक डॉक्टर नहीं मिले। इस दौरान खून बहने से परेशान होकर मरीज ने हंगामा कर दिया।
कर्मचारियों ने उसे काफी मुश्किल से समझाया। कर्मियों ने दबी जुबान में बताया कि डॉक्टर अपने अस्पताल में मरीज देखते रहे। वहीं, अस्पताल में डॉक्टर के राउंड पर होने की बात कही गई।
थाना कादरीगेट मोहल्ला नरकसा में बृहस्पतिवार रात मारपीट हुई थी। इसमें धर्मवीर (22) और अर्चना (36) घायल हुए थे। थाने का होमगार्ड रात 8.39 बसे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरी परीक्षण कराने पहुंचा। पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर न होने की वजह से बैठ गया।
धर्मवीर के सिर और चेहरे पर घाव में खून बह रहा था। पौने 10 बजे परिजनों के सामने धर्मवीर ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि खून बह रहा है और इलाज नहीं हो रहा। वह निजी अस्पताल जा रहा है। होमगार्ड ने उसे पकड़कर बैठा लिया।
इस दौरान भी इमरजेंसी से डॉक्टर नदारद रहे। ड्यूटी कर्मियों ने दबी जुबान में बताया कि डॉक्टर अपने अस्पताल में मरीज देखने गए हैं। इस दौरान ड्यूटी डॉक्टर का निजी कर्मी मरीजों को अभी आने की बात समझाता रहा।
डॉक्टर सवा 10 बजे के बाद इमरजेंसी पहुंचे, तब कहीं घायलों का डॉक्टरी परीक्षण किया गया। आरोप है कि लेटलतीफी को छिपाने के लिए रजिस्टर पर टाइम पर्चा बनने का ही डाला गया। सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि इमरजेंसी में डॉक्टर न होने की किसी ने सूचना नहीं दी। यदि ऐसा है तो वह इसे दिखवाएंगे।