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सरकारी कारतूसों की फायरिंग में होता खेल

Wed, 02 Dec 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
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फर्रुखाबाद। सरकारी कारतूसों का खेल जिले में नया नहीं है। सोमवार को खंता नाले में मिले कारतूसों के खोखों से पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। सरकारी कारतूसों की बिक्री करने के लिए आते समय लखनऊ की एसटीएफ ने फतेहगढ़ के मोहल्ला भोलेपुर से अलीगढ़ के आरमरर समेत तीन को गिरफ्तार किया था। सरकारी कारतूसों की पुलिस लाइन में होने वाली फायरिंग के दौरान खेल कर लिया जाता है। इसके बाद आरमरर इन कारतूसों को बाहुबलियाें और उनके गुर्गों को ऊंचे दामों में बेच देते हैं।
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जिले में सरकारी कारतूसों की बिक्री का खुलासा एसटीएफ लखनऊ के संदीप मिश्रा कर चुके हैं। पांच मई 2015 की देर शाम एसटीएफ की टीम ने फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला भोलेपुर हनुमान मंदिर के सामने से अलीगढ़ जिले के आरमरर रजनीश पांडेय को सरकारी कारतूसों की बिक्री करते समय दबोच लिया था। यह कारतूसों को जिले में बेचने के लिए आए थे।

फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल में बंद पूर्वांचल के बाहुबली सुभाष ठाकुर और भदोही के पूर्व विधायक उदयभान सिंह के गुर्गे प्रशांत मिश्रा उर्फ आशीष और फतेहगढ़ पुलिस लाइन के सिपाही अनुज वर्मा को दबोचा था।  पकड़े गए लोगों से 38 बोर के 120 कारतूस और 303 बोर के 29 कारतूस बरामद हुए थे। इनके पास से करीब 60 हजार रुपये भी कब्जे में ले लिए थे। एसटीएफ की पूछताछ में पकड़े गए आरमरर ने कई जिले के आरमरर के सरकारी कारतूसाेें की खरीद फरोख्त में शामिल होने की बात कही थी।
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अ फालोअप
सत्तापक्ष नेताओं की शरण में बर्खास्त आरमरर
बरामद कारतूस के खोखे लावारिश में किए गए दाखिल
कमालगंज। सोमवार को  खंता नाला के पास से बरामद हुए हजारों कारतूसों के मामले में पुलिस तेजी से छानबीन में लगी है। वहीं सूत्रों की मानें तो इस मामले में फरार चल रहा बर्खास्त आरमरर सत्ता पक्ष के नेताओं की शरण में चला गया है। मंगलवार को कारतूस के खोखों को लावारिश में दाखिल कर दिया गया है। लावारिश मिले खोखों की जांच उच्चाधिकारियोें को सौंपी गई है।
 कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव श्रृंगीरामपुर रोड पर खंता नाला के पास सोमवार की रात बालू में दबे हजारों कारतूसों के खोखे पुलिस ने बरामद किए थे। खोखों के मिलने से पुलिस के हाथपांव फूल गए थे। सूचना पर जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह और एसपी राजेशकृष्ण मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने बर्खास्त चल रहे आरमरर असगर अली के घर छापेमारी की थी। असगर अली के घर में पुलिस को ताला लटका मिला था। मंगलवार को पुलिस ने खोखों को लावारिश में दाखिल कर दिया। थानाध्यक्ष यतेंद्र यादव ने बताया कि खोखों को लावारिश में दाखिल कर दिया गया है। इस मामले की जांच उच्चाधिकारी करेंगे। वहीं सूत्रों की मानें तो बर्खास्त चल रहे आरमोरर सत्ता पक्ष के नेताओं की शरण में चला गया है। सत्ता पक्ष के नेताओं ने भी इस मामले को दबाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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