फर्रुखाबाद। एक्सरे टेक्नीशियन की फर्जी नियुक्ति से पर्दा उठने के बाद अब परतें भी खुल रही हैं। सीएम कार्यालय से टेक्नीशियन की सत्यापन रिपोर्ट गायब होने बात कही जा रही थी, अब वह भी मिल गई। सीएमओ बोले एक्सरे टेक्नीशियन की नियुक्ति के साथ ही डीजी कार्यालय से ही सत्यापन भी कराया गया था।
स्वास्थ्य विभाग में नौ वर्ष से एटा का अजीत कुमार अर्पित सिंह बनकर एक्सरे टेक्नीशियन पद पर नौकरी करता रहा। विभागीय दस्तावेजों में उसका पता आगरा का है जबकि कमेटी की जांच में वह अर्पित सिंह की जगह जनपद एटा थाना अलीगंज के गांव अगौनापुर निवासी रामलड़ैते का पुत्र अजीत सिंह निकला। पूरे मामले से पर्दा उठने और सत्यापन रिपोर्ट वेतन पत्रावली गायब होने के संबंध में अमर उजाला ने सोमवार के अंक में समाचार प्रकाशित किया।
इसी के बाद अपना दामन साफ करने के लिए वेतन पत्रावली में सत्यापन रिपोर्ट भी मिलने की बात कही जाने लगी जबकि उसी एक्सरे टेक्नीशियन को विभाग नौ वर्ष में 71 लाख रुपये का वेतन भुगतान कर चुका है। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि एक्सरे टेक्नीशियन कथित अर्पित सिंह की सत्यापन रिपोर्ट भी मिल गई है। उसकी नियुक्ति सीधे डीजी कार्यालय से की गई थी। तत्कालीन सीएमओ डॉ.राकेश कुमार के कार्यकाल में सत्यापन रिपोर्ट भी डीजी कार्यालय से ही बनाकर भेजी गई।
इसी आधार पर सीएमओ कार्यालय से तैनाती की गई थी। सीएमओ ने यह भी बताया एक्सरे टेक्नीशियन की नियुक्ति से लेकर तैनाती तक फर्जीवाड़े का पूरा खेल डीजी कार्यालय से ही किया गया था।