फर्रुखाबाद। शहर से चंद किमी दूर कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र से वर्ष 2017 में लगाए गए सैकड़ों शीशम के पेड़ काटने के मामले में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी (डीएफओ) ने जांच कमेटी बना दी। इसमें वन क्षेत्राधिकारी को प्रभारी बनाया गया है। टीम में शामिल वन दरोगाओं ने पहुंचकर गोशाला के आसपास झोपड़ी डालकर रह रहे बाढ़ पीड़ितों के यहां जांच पड़ताल भी की।
शहर से सात किमी दूर कटरी धर्मपुर में वन विभाग ने करीब 1500 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण किया था। इसमें शीशम के अलावा फाइकस, बेजीना, कदम और नीम के पौधे लगाए थे। शीशम को छोड़ वन क्षेत्र में अधिकांश प्रजातियों के पौधे गायब हैं। विभागीय लापरवाही के चलते वन क्षेत्र में लगे 20 से 30 फीट ऊंचाई के सैकड़ों पेड़ कट गए। इसकी वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी।
अमर उजाला ने इस मामले को नौ जनवरी के अंक में कटरी धर्मपुर वन क्षेत्र में काट डाले शीशम के सैकड़ों पेड़ शीर्षक से प्रमुखता से फोटो सहित खबर प्रकाशित की, तब अधिकारी हरकत में आए। डीएफओ राजीव कुमार ने फर्रुखाबाद के वन क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार, दो वन दरोगा और दो फॉरेस्ट गार्डों की टीम बना दी। वन क्षेत्राधिकारी कोर्ट संबंधी कार्य के चलते बाहर होने के कारण नहीं पहुंच सके। शनिवार को कुछ अन्य कर्मचारी वन क्षेत्र में पहुंचे। बताया जाता है कि गोशाला के आसपास झोपड़ी डालकर रह रहे बाढ़ पीड़ितों के यहां काटी गई लकड़ी संबंधी जांच पड़ताल की। हालांकि उन्हें मौके पर कुछ नहीं मिला। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि कई साल पुराना पौधरोपण है। मामले की गंभीरता से जांच करवाएंगे। दोषी पर कार्रवाई होगी।