फर्रुखाबाद। बिहार, बंगाल, आसाम के साथ स्थानीय मंडियों में आलू की मांग बढ़ने और आवक घटने से भाव में उछाल आने लगा है। बुधवार को सातनपुर मंडी में 60 से 70 रुपये प्रति क्विंटल आलू महंगा बिका। आवक घटने से व्यापारियों ने हाथों-हाथ आलू की खरीद की। इससे किसानों को तौल के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ा।
सातनपुर मंडी में चार दिन पहले 150 से 175 ट्रक आलू की आमद हो रही थी। इससे मंडी में जाम की स्थिति रहती थी। अब किसान आलू की खोदाई के साथ गेहूं की बुआई भी कर रहा है। इससे आलू की खोदाई भी धीमी पड़ गई। भाव की मंदी से कई किसानों ने खोदाई रोक दी। वह पक्की फसल में भाव बढ़ने की उम्मीद लगाए हैं। इससे मंडी में आलू की आवक घटने लगी है।
बुधवार को मंडी में करीब 70 ट्रक आलू पहुंचा। वहीं व्यापारी बिहार, बंगाल, आसाम के लिए आलू की लोडिंग की तैयारी में थे। आवक घटने से स्थानीय मंडियों में आलू की मांग बढ़ गई। इससे आढ़तों पर व्यापारियों ने आलू खरीद के लिए भाव भी बढ़ा दिए। 60 से 70 रुपये प्रति क्विंटल उछाल के साथ 401 रुपये से लेकर 581 रुपये प्रति क्विंटल आलू बिका।
मंडी में आलू कम आने से व्यापारियों ने हाथो-हाथ आलू खरीद लिया। वहीं मंगलवार को मंडी में करीब 80 ट्रक आलू पहुंचा था। तब 331 रुपये से लेकर 521 रुपये प्रति क्विंटल आलू की बिक्री हुई थी। आलू आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू ने बताया कि मंडी से बिहार के लिए करीब 15 ट्रक, बंगाल व आसाम के चार-चार ट्रक लोड किए गए। आलू की आवक कम होने से स्थानीय मंडियों में भी आलू की मांग बढ़ी है। इससे आलू भाव में उछाल आने लगा है।
वर्जन
अब आलू के भाव में सुधार हो रहा है। आसपास मंडियों के आलू भाव और एक सप्ताह के औसत भाव के हिसाब से सातनपुर मंडी में भाव निर्धारित होता है। उसी हिसाब से मंडी शुल्क लिया जा रहा है। -अनूप कुमार दीक्षित, प्रभारी सचिव मंडी