विद्युत वितरण निगम ग्रामीण खंड के एसडीओ द्वितीय कार्यालय के लिपिक से विवाद होने पर ठेकेदार ने उसकी पिटाई कर दी। इससे नाराज कर्मचारियों के संगठन ने कामकाज बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। एक्सईएन ग्रामीण ने बुलाकर कर्मचारियों से वार्ता की और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर विवाद शांत कराया। इसकेे बाद कर्मचारियों ने कामकाज शुरू किया।
मोहम्मदाबाद के नीबकरोरी स्थित एसडीओ द्वितीय के कार्यालय में सुनील कुमार शाक्य कार्यालय सहायक के पद पर तैनात हैं। यह बुधवार की शाम करीब 6:30 बजे मोहम्मदाबाद बकरी बाजार में लगे कैंप का काम समाप्त कर विभागीय कर्मचारियों के साथ वापस लौट रहे थे। भोलेपुर क्रासिंग बंद होने के कारण वहां रुक गए। यहां पर ठेकेदार सुरेश चौहान उर्फ करू का लिपिक सुनील शाक्य से विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर विवाद शांत कराया। इसकी जानकारी मिलने पर शुक्रवार को बिजली कर्मचारी संघ के जोन महामंत्री सुधीर गुप्ता व संगठन के अन्य लोग काम काज बंद कर हड़ताल पर बैठ गए। संघ कार्यालय में बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई गई।
एक्सईएन ग्रामीण अमर सिंह से संगठन के लोगों ने मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। सुधीर गुप्ता ने कहा कि कार्यालय में दलालों की संख्या बढ़ गई है। ठेकेदार जबरन काम करने का दबाव बनाते हैं। इस कारण काम करने में दिक्कत आ रही है। ठेकेदार सुरेश चौहान उर्फ करू अवर अभियंता रंगलाल पाल, अवर अभियंता सतेंद्र कुमार, संविदा कर्मी प्रदीप व अजीत से भी विवाद कर चुके हैं। वह अक्सर कर्मचारियों से विवाद करते हैं। एक्सईएन ने कर्मचारियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर विवाद शांत कराया। इस दौरान एक्सईएन शहरी एसके शर्मा, एसडीओ राहुल बाबू कटियार, एसडीओ शैलेंद्र कुमार कटियार,एसडीओ संतोष कुमार, एसडीओ शरद प्रताप, एसडीओ गौरव कुमार, कर्मचारी संगठन की ओर से धीरज सक्सेना, रवींद्र कुमार यादव, अमित मिश्र, राजकुमार, विकास कटियार, शाजिद हुसैन, रमेश बाबू, अमित मिश्र, सीमा सक्सेना, संगीता, कुंती कटियार, संजो देवी मौजूद रहीं।
वहीं सुरेश चौहान उर्फ करू ने बताया कि सुनील शाक्य ने उनको सपा कार्यकर्ता बनकर फोन किया और धमकाया। उस समय वह मोहम्मदाबाद जा रहे थे। क्रासिंग के पास सुनील शाक्य से मुलाकात हो गई। फोन पर सपा नेता बनकर धमकाने की बात कही तो वह नाराज हो गए। वहीं पर राकेश यादव नामक एक व्यक्ति खड़ा था। उससे सुनील शाक्य का विवाद होने लगा। हमने विवाद शांत कराया था। मारपीट करने का आरोप गलत है।