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फर्रुखाबादः नलकूप विभाग में हुए गबन की कमेटी करेगी जांच

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फर्रुखाबाद। नलकूप विभाग में फर्जी कर्मचारियों के नाम पर 16.26 लाख रुये का वेतन निकालने के मामले में जांच कमेटी गठित की गई है। इससे अब जिम्मेदारों के भी फंसने के आसार हैं। कैशियर व कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
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नलकूप विभाग में अक्तूबर 2021 में अधिशासी अभियंता अनिल की तैनाती के बाद से खेल शुरू हो गया था। नवंबर 2021 में तीन फर्जी कर्मचारियों के नाम बढ़ाकर हर माह वेतन निकलने लगा। फरवरी 2022 में फर्जी कर्मचारियों की संख्या बढ़कर छह हो गई और वेतन निकलता रहा। मैनपुरी के शिवम सिंह एडवोकेट ने मुख्यमंत्री व जल संसाधन मंत्री से 15 जून को शिकायत की।
इसमें नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार सिंह, वेतन बिल सहायक व कैशियर मनोज कुमार, पटल सहायक देवगिरि गोस्वामी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता व निजी कंप्यूटर ऑपरेटर फैजान अली की मिलीभगत से गबन करने का आरोप लगाया। गबन के साक्ष्य भी उपलब्ध कराए।
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इसी के बाद अधिकारी हरकत में आए और खुद को बचाने के लिए कैशियर मनोज कुमार व कंप्यूटर ऑपरेटर फैजान अली के खिलाफ 16 लाख 26 हजार 420 रुपये गबन करने का मुकदमा दर्ज करा दिया था। नलकूप विभाग के मुख्य अभियंता विष्णु कुमार शर्मा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इससे जिम्मेदारों के भी फंसने के आसार बन गए हैं।
अधीक्षण अभियंता डीके शर्मा ने बताया कि कमेटी में कानपुर के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड कानपुर व हमीरपुर के अधिशासी अभियंता नलकूप को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह वेतन बिल पर जांच के बाद अधिशासी अभियंता नलकूप व सिंचाई विभाग ने हस्ताक्षर किए हैं। इससे गबन में वह भी बराबर के दोषी हैं। कमेटी से जांच में स्थिति साफ हो जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
16.26 लाख के गबन में 6.50 लाख जमा कराए
नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता शशांक कुमार ने बताया कि कैशियर मनोज कुमार व कंप्यूटर ऑपरेटर फैजान अली से गबन के 6.50 लाख रुपये जमा करा लिए हैं। कुल 16.26 लाख का गबन है। शीघ्र ही पूरी धनराशि जमा कराने का प्रयास चल रहा है।
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