विश्व मानवाधिकार दिवस पर स्कूली बच्चों ने मानवाधिकार की शपथ ली। इस दौरान गोष्ठी में बेटी पढ़ाओ- बेटी बचाओ विषय पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। वहीं कोतवाली में कोतवाल ने पुलिसकर्मियों को मानवाधिकार की शपथ दिलाई।
विश्व मानवाधिकार दिवस पर सीपी विद्या निकेतन इंटर कालेज में गोष्ठी में विद्यालय की निदेशक डा. मिथलेश अग्रवाल ने कहा कि संविधान में हम सबको मौलिक अधिकार दिए गए हैं। इनकी जानकारी शिक्षा के माध्यम से दी जा सकती है।
उन्होंने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ विषय पर कहा कि समाज में घटती लड़कियों की संख्या के कारण ही दरिंदगी की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने कन्या भ्रूण पर चिंता जताते हुए अभिभावकों से बेटा-बेटी में अंतर न करने की अपील की।
प्रधानाचार्य योगेश तिवारी ने कहा कि सभी युवाओं को मानवाधिकारों के प्रति सजग होना चाहिए। कहा कि शिक्षा सभी समस्याओं का हल है। उप प्रधानाचार्य मनोज तिवारी ने कहा कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बढ़ रहा लिंगानुपात चिंता का विषय है। इस दौरान बच्चों को मानवाधिकार की शपथ दिलाई गई।
गोष्ठी में अपूर्वा रस्तोगी, वैष्णवी चतुर्वेदी, अमनदीप सक्सेना, डा. अशोक तिवारी, संतोष कालरा, प्रवीन पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किए। वहीं विश्व बंधु परिषद की ओर से आयोजित गोष्ठी में प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ने कहा कि दुनिया में तमाम सियासी पार्टियां मानवाधिकार की ओट में दानवाधिकार की तरफदारी करती हैं।
आचार्य रामकृष्ण त्रिवेदी ने कहा कि मानवाधिकार सिद्धांत है, व्यवहार नहीं। इसे व्यवहारिक बनाने के लिए रामराज्य जैसी व्यवस्था चाहिए। कोतवाली परिसर में प्रभारी निरीक्षक रूम सिंह यादव ने अधीनस्थों को मानवाधिकार का पाठ पढ़ाकर शपथ दिलाई।