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Farrukhabad News: महिला अस्पताल में मासूम को नहीं मिला इलाज, भेजा इमरजेंसी

Sat, 25 Oct 2025 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-08, महिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ के कमरे में मायूस खड़ा पिता। संवाद
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फर्रुखाबाद। बीमार बच्ची का इलाज कराने लोहिया महिला अस्पताल पहुंचे माता-पिता दो घंटे तक भटकते रहे। महिला अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ नदारद होने से प्रशिक्षु डॉक्टर ने इमरजेंसी भेज दिया।
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अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात ईएमओ ने भी असमर्थता जताई। इसके बाद दंपती मासूम को लेकर पुरुष अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे। उन्होंने हालत गंभीर देख उसे एनआरसी यूनिट में भर्ती कराया।
मिर्जापुर थाने के गांव दोषपुर नागर निवासी सुखदेव अपनी पत्नी नंदनी के साथ बीमार बेटी मीरा (4) को लेकर शुक्रवार सुबह 10 बजे लोहिया महिला अस्पताल पहुंची। दंपती एक घंटे बाद पर्चा बनवाकर जब बालरोग विशेषज्ञ के कमरे में पहुंचे तो वहां बैठी प्रशिक्षु डॉ. दिव्या ने पर्चे पर दवाएं लिखने की बजाय इमरजेंसी जाने की बात कही।
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दंपती पहले महिला अस्पताल की इमरजेंसी, फिर पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी जा पहुंचे। वहां मासूम की हालत देख ड्यूटी कर रहे ईएमओ ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने फिर महिला अस्पताल भेज दिया। दंपती दोबारा डॉ. दिव्या के पास पहुंचा। डॉक्टर ने भर्ती करने की व्यवस्था न होने की बात कहकर वापस कर दिया।
सुखदेव ने पुरुष अस्पताल की ओपीडी से दूसरा पर्चा बनवाया। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप दीक्षित को दिखाया। उन्होंने बच्ची की गंभीर हालत देख दवाएं लिखने के बाद एनआरसी वार्ड में भर्ती करवा दिया। करीब दो घंटे बाद उसे इलाज मिल सका।
डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीज देखतीं प्रशिक्षु
अस्पताल में एमडी पीडियाट्रीशन की छात्रा डॉ. दिव्या प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। अस्पताल में अपनी कुर्सी पर बालरोग विशेषज्ञ अक्सर नहीं बैठते। ऐसे में प्रशिक्षु छात्रा डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर बीमार बच्चों को देखकर इलाज करती हैं। पिछले दिनों सीएमएस ने डॉक्टर की कुर्सी पर बैठने की बजाय पास में पड़ी अन्य कुर्सियों पर बैठने की हिदायत दी थी, मगर इसका असर नहीं हुआ।

डॉ. दिव्या प्रशिक्षु हैं। डॉक्टर नहीं थे, इसकी जानकारी नहीं है। मेरे संज्ञान में आता तो तुरंत दिखवा देते। हालांकि गंभीर बच्चों को भर्ती की अस्पताल में व्यवस्था नहीं है। दवाएं लिखकर पुरुष अस्पताल में भर्ती करवा दिया जाता। वह इस मामले को दिखवाएंगे।
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-डॉ. धीर सिंह सीएमएस, लोहिया महिला अस्पताल।
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