फर्रुखाबाद। नाबालिग छात्रा के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने अभियुक्त ज्ञान सिंह उर्फ अंकित को दोषी करार दिया। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए सात मार्च की तिथि निर्धारित की है।
थाना कमालगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में 31 मई 2017 को गांव के ज्ञान सिंह उर्फ अंकित, उसके पिता रामलड़ैते, मां शकुंतला देवी और बहन रिंकी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप लगाया कि उसकी इंटरमीडिएट में पढ़ने वाली छोटी पुत्री को गांव का ज्ञान सिंह उर्फ अंकित बहलाकर अपहरण कर ले गया। कहा कि अभियुक्त ने घर आकर बताया कि इंटर का रिजल्ट आने वाला है। उसकी जान-पहचान है। थोड़ा खर्च होगा और परीक्षा में नंबर बढ़ जाएंगे।
बीटीसी में दाखिला लेने में आसानी होने का झांसा देकर किशोरी को अपने साथ कमालगंज चलने के लिए राजी किया। दोपहर करीब 12 बजे वह स्कूली बैग के साथ घर से निकली लेकिन देर शाम तक वापस नहीं आई। तलाश करने के दौरान पता चला कि किशोरी घर से सोने-चांदी के जेवर, 4 हजार रुपये तथा अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र भी साथ ले गई थी।
ज्ञान सिंह के परिजन से जानकारी करने पर उन्होंने कुछ भी बताने से मना कर दिया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। मिलने के बाद उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर विवेचक ने मामले में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए ज्ञान सिंह उर्फ अंकित के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराया। सजा की सुनवाई के लिए 7 मार्च की तारीख तय की।