फर्रुखाबाद। शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो)-01 मेराज अहमद की अदालत ने झोलाछाप को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद का आदेश दिया।
थाना नवाबगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 30 अगस्त 2021 को चिकित्सक सुमित, उसके भाई शीशराम और भाभी अनीता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि उसकी नाबालिग पुत्री आरोपी सुमित के पास दवा लेने जाती थी। इसी दौरान आरोपी ने एमबीबीएस डॉक्टर बनाने व शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ कई वर्षों तक शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने मामले में जांच कर अदालत में सुमित के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी ने पीड़िता के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी उम्र बालिग दिखाने का भी प्रयास किया। पीड़िता और उसके पिता के न्यायालय में दिए गए बयानों, मेडिकल साक्ष्य, स्कूल अभिलेख और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त सुमित को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया।
न्यायालय ने अभियुक्त सुमित को पॉक्सो एक्ट की धारा 4(1) के तहत 10 वर्ष का साधारण कारावास एवं 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड की 80 प्रतिशत राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने का आदेश दिया।