फोटो-12 नरेंद्र सिंह। फाइल फोटो
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मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। 33 वर्ष पुराने हत्या के मामले में वारंट जारी होने से परेशान 81 वर्षीय नरेंद्र सिंह का शव शुक्रवार सुबह गांव सिकंदरपुर के बाहर पेड़ से फंदे से लटका मिला। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है और बड़े पुत्र आदित्य ने वारंट से परेशानी के कारण आत्महत्या किए जाने की बात कही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।
बड़े बेटे आदित्य एवं भाई राम लखन सिंह ने बताया कि लगभग वर्ष 1992 में गांव के ही महेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब महेश सिंह के भाई सुरेश सिंह ने नरेंद्र सिंह, उनके पिता बड़े सिंह, गांव के ही बहादुर, राधाकिशन एवं बेचेलाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बेचेलाल ने मुकदमे से परेशान होकर जहर खाकर जान दे दी थी। तीन अन्य लोगों की भी मौत हो चुकी है। नरेंद्र सिंह लगभग 4 माह जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आ गए थे l
वर्ष 2015 में निचली कोर्ट ने आजीवन की सजा सुनाई थी। इसके बाद लगभग तीन माह जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आए थे। अब हाईकोर्ट इलाहाबाद ने पिता नरेंद्र के विरुद्ध हत्या के मामले में वारंट जारी कर दिया था। इससे गांव में आए दिन पुलिस आती रहती थी। इससे परेशान होकर वह जनपद मैनपुरी के थाना किशनी के गांव नगला खिबाई निवासी बहन रेखा के यहां दो माह पूर्व रहने चले गए थे। वहां से घर आने के लिए वह 7 मई की सुबह लगभग 11:00 निकले थे पर वह घर पर नहीं पहुंचे।
छोटे पुत्र उदय प्रताप की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए। नरेंद्र छह भाइयों में सबसे बड़े थे। खेती करके जीवन यापन करते थे। दो पुत्र आदित्य व उदय प्रताप और पुत्री रेखा है। पत्नी मीना देवी रो-रोकर बेहाल हो गईं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल एमएम चतुतर्वेदी ने बताया कि आत्महत्या मामला है। जांच की जा रही है।