फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा नदी में बाढ़ के चलते सड़कों के साथ ही रिहायशी इलाकों में कटान जारी है। सड़क कटने से लोगाें का आवागमन बाधित हो रहा है। कटी सड़क को नाव से पार करने के दौरान बुधवार को नाव पलट गई। इससे चार ग्रामीण बाढ़ की तेज धार में बहने लगे। ग्रामीणों ने चारों को सकुशल बाहर निकाला।
वहीं बिजली कटी होने से बाढ़ पीड़ित रात अंधेरे में गुजारने को मजबूर हैं।
बुधवार को अमृतपुर क्षेत्र के गांव भुड़िया भेड़ा को जाने वाली सड़क तेज बहाव के चलते कट गई। इससे इमादपुर सोमवंशी, लायकपुर, बमियारी, अमीराबाद, नगरिया जवाहर, जोगराजपुर, कुबेरपुर, रतनपुर आदि गांव के ग्रामीणों को निकलने में परेशानी हुई। सड़क कटने से ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। घर में आटा समाप्त होने पर गांव के सुनील कुमार, इंद्रपाल, रमाकांत और सुनील कुमार नाव से गेहूं पिसाने जा रहे थे। उसी दौरान तेज बहाव में नाव पलट गई। जिससे चारों लोग बहने लगे। सड़क किनारे खड़े लोगों ने शोर सुन कर सभी को तैरकर सकुशल बचा लिया। नाव में पिसाने के लिए ले जा रहे गेंहू की बोरी भी बाढ़ में बह गई।
नदी खतरे का निशान जलस्तर बांधों से छोड़ा गया पानी
गंगा 137.10 मीटर 137.35 मीटर 143514 क्यूसेक
रामगंगा 137.10 मीटर 135.45 मीटर 8661 क्यूसेक
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ग्रामीण ने खेत में नाव चलने से रोका, लेखपाल ने चलवाई
- 10 रुपये लेकर नाविक कटी सड़क करा रहे पार
अमृतपुर। गंगा में आई बाढ़ के चलते डाड़ीपुर को जाने वाली सड़क सप्ताह पहले सड़क कट थी। इसके चलते ग्रामीणों ने नाव डलवाए जाने की मांग की थी। लेखपाल ने मंगलवार को नाव लगा दी है। नाविक ग्रामीणों से कटी सड़क पार कराए जाने के लिए 10 रूपये की वसूली कर रहा है। क्षेत्र के अनमोल, सतेंद्र, अशोक कुमार, सुनील कुमार, राधेश्याम आदि ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी नाव लगाई गई है। इसके बाद भी रुपए की वसूली हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि डांडीपुर, भुसेरा, नगला केवल, दारापुर, कांधर कुइयां, अहिला मई, जिठौली, आदि गांव के लोग इस मार्ग से निकल रहे हैं। ग्रामीण कहते है कि तहसील प्रशासन ने नाव तो लगा दी है लेकिन नाव चलाने वाला नहीं दिया है। प्राइवेट एक आदमी पांच सौ रुपये प्रति दिन पर रखा गया है। बुधवार के बदनपुर के एक ग्रामीण ने अपने खेत से नाव चलाने से मना कर दिया। जिसकी जानकारी एसडीएम संजय कुमार को होने पर लेखपाल को नाव चलवाने व रुपये की वसूली बंद कराए जाने के आदेश दिए है।
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भुड्ढन की मड़ैया में बंटी दवा
अमृतपुर। थाना क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव भुड्डन की मड़ैया निवासी गंगादीन के पुत्र की बुखार से मौत हो गई थी। सीएमओ के आदेश पर तीन दिन बाद भी स्वास्थ्य टीम नहीं गई। बुधवार को अमर उजाला ने गांव में स्वास्थ्य टीम न जाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। इस पर सीएचसी राजेपुर के प्रभारी डॉक्टर प्रमित राजपूत ने गांव में डाक्टर शिशिर यादव की टीम को भेज कर दवा वितरण कराई। गांव में सौ से अधिक मरीजों को दवा दी गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि इस गांव में जुकाम, बुखार व खुजली के मरीज मिले हैं।