फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर सोमवार को लगे जाम में पांचाल घाट से पहले एक एंबुलेंस दो घंटे फंसी रही। इस दौरान एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल जा रही एक घायल महिला की मौत हो गई।
शाहजहांपुर जिले के थाना मिर्जापुर के गांव बहेरिया निवासी महिला को थरिया गांव के पास ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में महिला की बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। जाम के कारण महिला की मौत होने से परिजन शव लेकर लौट गए। उनके दो बेटों का इलाज चल रहा है।
शाहजहांपुर जिले के थाना मिर्जापुर के गांव बहेरिया निवासी राजीव कुमार की पत्नी चंद्रवती (45) सोमवार को अपने पुत्र अमन (19), देवेश (8) और बेटी सुरभि (3) के साथ घर से निकली थीं। वह मोपेड से बदायूं जिले के उसावां स्थित अपने मायके पितृपक्ष पर भोज खाने जा रही थीं।
थरिया गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनके बेटे की मोपेड में टक्कर मार दी। इसमें सुरभि की मौके पर ही मौत हो गई। घायल मां और दोनों पुत्रों को जरियनपुर सीएचसी लाया गया। वहां हालत गंभीर होने पर तीनों को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया।
एंबुलेंस में मौजूद चंद्रवती की बहन उपासना ने बताया कि बहन को चोटें अधिक होने की वजह से वह एंबुलेंस में चीखती रहीं, लेकिन पांचाल घाट से पहले एंबुलेंस करीब दो घंटे तक जाम में फंसी रही। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस शाम 4.30 बजे से 6.30 बजे तक जाम में फंसी थी।
वहां से निकलने के बाद वह लोग पांच किमी. दूर लोहिया अस्पताल में करीब सात बजे पहुंचे, जहां डॉक्टर से बहन को मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना में घायल पुत्र देवेश की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया। परिजन निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। मोपेड चला रहा अमन हेलमेट लगाए था। उसका लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है।
हाथ जोड़ते रहे परिजन, किसी ने नहीं निकलने दी एंबुलेंस
उपासना ने बताया कि बहन चंद्रकली की चीखें एंबुलेंस के बाहर तक सुनाई दे रही थीं। उन्होंने कई बार वाहन चालकों के हाथ जोड़े कि एंबुलेंस को निकलने दें, लेकिन किसी ने नहीं सुन बहन की एंबुलेंस में ही धीरे-धीरे आवाज थमती गई। अस्पताल लाने पर मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि समय से इलाज मिल जाता, तो बहन की जान बचाई जा सकती थी।
फोटो-34, लोहिया अस्पताल में शोकाकुल परिजन। संवाद