फोटो-3 बिना रैलिंग पोस्ट के महमदगंज मड़ैयन घाट का पंटून पुल। स्रोत: जागरूक पाठक
कमालगंज। गंगा नदी के महमदगंज मड़ैयन घाट पर चालू किए गए पंटून पुल पर रैलिंग पोस्ट न लगाए जाने से आवागमन में खतरा बना है। रैलिंग पोस्ट न लगने से पुल में लगाए गए पटरे (स्लीपर) वाहन गुजरते समय इधर-उधर खिसक जाते हैं। इससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
कमालगंज कस्बे के सामने गंगा नदी के महमदगंज मड़ैयन घाट पर 17 जनवरी को पंटून पुल चालू किया गया था। इससे हरदोई मार्ग पर आवागमन में राहत मिली थी। गंगापार क्षेत्र के बहुत से लोग पंटून पुल होते हुए कमालगंज और फिर फतेहगढ़ तक जाने लगे। इस समय फर्रुखाबाद में रामनगरिया मेले में पांचाल घाट के आसपास भीड़ से कमालगंज होकर लोग कम समय में फतेहगढ़ पहुंच जाते हैं लेकिन पंटून पुल पर अभी तक किनारे की ओर रेलिंग पेस्ट नहीं लगाई गई।
रेलिंग पोस्ट न लगने से लकड़ी के पटरे कस नहीं पाए। जब भी वाहन निकलते हैं तो पटरे इधर-उधर सरकते हैं। इससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। बुधवार को गंगापार के कुअंरपुरा से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्राली फंस गई थी। खुटिया निवासी राधाकृष्ण ने बताया कि पंटून पुल में रेलिंग पोस्ट महत्वपूर्ण सुरक्षा घटक है। इससे पुल का ढांचा लकड़ी के स्लीपर से मजबूती से बंध जाता है। बिना रेलिंग पोस्ट के स्लीपरों में कसाव हो पाना बहुत मुश्किल है। इसलिए जल्दी से जल्दी पंटून पुल पर रेलिंग पोस्ट लगाई जानी चाहिए।