शहर के बीबीगंज में घने कोहरे में सुबह लाइट जलाकर जाती कार। संवाद
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फर्रुखाबाद। मंगलवार को धूप न निकलने व भीषण ठंड से लोग परेशान रहे। गलन के चलते ज्यादातर लोग घरों में ही रहे। सुबह 11 बजे तक घना कोहरा रहा, वाहन सवार हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलते रहे।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा। घरों में लोग हीटर, ब्लोअर आदि चलाकर बैठे रहे। बाजारों में दुकानों के बाहर लोग अलाव तापते नजर आए। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
रोडवेज को सामान्य दिनों में प्रतिदिन 13 लाख रुपये की आय होती थी। इस समय नौ लाख रुपये तक ही हो पा रही है। दिल्ली रूट पर 35 की बजाय 30 बसें ही भेजी जा रही हैं।
रेलवे स्टेशन के बाहर शाम को नगर पालिका 15 किलो लकड़ी डालकर अलाव जलाने की खानापूरी कर रही है। यह लकड़ी चंद घंटे में ही खत्म हो जाती हैै। यात्री सर्दी में परेशान होते हैं।
रोडवेज बस स्टैंड स्थित रैन बसेरा के सामने सोमवार रात पालिका ने लकड़ी नहीं डाली। रोडवेज प्रशासन ने परिसर में खड़े सूखे पेड़ को कटवाकर दो स्थानों पर अलाव जलवाए।
डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष और महिला अस्पताल में रैन बसेरा न होने से भर्ती मरीज व तीमारदार बरामदे में रात काटते हैं। तीमारदारों ने बताया कि रजाई व कंबल भी घरों से ही लाना पड़ता है।
लोहिया अस्पताल में कोरोना जांच सेंटर की खिड़की के टूटे शीशे। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
ठंड से बचने के लिए लोहिया अस्पताल में कंबल ओढ़े बैठे तीमारदार। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD