सकवाई में तैनात शिक्षा मित्र के एक दिन अनुपस्थित रहने पर उसका दस दिन का मानदेय काट दिया गया। इससे नाराज शिक्षामित्र शनिवार को पति के साथ बीआरसी पहुंची। लिपिक पर रुपये लेने के लिए मानदेय काटने का आरोप लगा कर जमकर हंगामा किया। वहां मौजूद बीईओ ने जांच का आश्वासन देकर शिक्षामित्र को शांत किया।
नगला नादी निवासी सुमन राठौर सकवाई प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। शनिवार को वह पति दिनेश सिंह के साथ बीआरसी पहुंची। वहां पर लिपिक विनोद कुमार से पूछा कि वह अप्रैल में महज एक दिन ही गैरहाजिर रही थीं। ऐसे में दस दिन का मानदेय क्यों काट दिया गया। इस पर लिपिक ने फतेहगढ़ में रिकॉर्ड होने की बात कही।
इससे नाराज शिक्षामित्र ने वहां पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद उन लोगों ने मामले की शिकायात बीईओ मुन्नालाल से की। बताया कि सोमवार को फतेहगढ़ में रिकॉर्ड दिखा दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोग ज्यादा मानदेय काट देते हैं।
बाद में रुपये देने पर मानदेय भेज दिया जाता है। उन्होंने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने की बात कही। बीईओ ने किसी तरह उन्हें समझाकर मामले की जांच करवाने की बात कही। बीईओ मुन्नालाल ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जो दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।