फर्रुखाबाद। कोरोना की दहशत के चलते रेलवे ने देश की सभी यात्री ट्रेनों को 31 मार्च तक बंद कर दिया है। स्थानीय स्टेशन से गुजरने वाली 11 जोड़ी गाड़ियों के अलावा साप्ताहिक ट्रेनों से रोजाना साढ़े 10 हजार यात्री सफर करते हैं। इससे रेलवे को करीब साढ़े चार लाख रुपये रोजाना का नुकसान उठाना पड़ेगा।
रेलवे स्टेशन से दिल्ली, आगरा, लखनऊ, कानपुर समेत कई बड़े शहरों के लिए दैनिक और साप्ताहिक ट्रेनें चलती हैं। इनसे औसतन साढ़े 10 हजार यात्री सफर करते हैं। इससे स्टेशन को साढ़े चार लाख रुपये की आमदनी होती है। इन ट्रेनों को बंद कर देने से रेलवे को इस रकम का नुकसान उठाना पड़ेगा।
रिजर्वेशन काउंटर से 81 यात्रियों का 1.32 लाख रुपये रिफंड
रेलवे के निर्देश के बाद निरस्त की गई गाड़ियों का बिना कटौती किए पैसा वापस होना शुरू हो गया। वाणिज्य अधीक्षक सीपी पटेल ने बताया कि रविवार को 81 यात्रियों का 1,32,115 रुपये वापस किए गए हैं। किराए में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी।
कैश खत्म, 45 दिन में कभी भी ले लें रिफंड
रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों को बंद कर दिया गया, लिहाजा आमदनी खत्म हो गई। निरस्त की गई ट्रेनों में रिजर्वेशन की टिकट वापस करने वाले यात्रियों को कैश खत्म होने से वापस करना पड़ा। वाणिज्य अधीक्षक ने बताया कि फिलहाल कैश खत्म हो गया। अब ट्रेनें चलने के बाद कैसे ही कैश की व्यवस्था होगी, 45 दिन तक कभी भी रिफंड लिया जा सकता है।