फर्रुखाबाद। दोस्तों संग गंगा स्नान करने आए किशोर डूब गया। गोताखोरों से ढूंढने के लिए दोस्त चीखते रहे, मगर नहीं सुनी। वहां पहुंचे परिजन एक घंटे तक गोताखोरों से गिड़गिड़ाते रहे, मगर वह 15 हजार रुपये लेने पर अड़े रहे। दो-तीन लोगों ने पांच हजार रुपये एकत्रित करके दिए, तब कहीं 10 मिनट में किशोर को निकाल दिया। लोहिया अस्पताल में मृत घोषित करते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
मोहम्मदाबाद के मोहल्ला इंद्रानगर निवासी शंभूदयाल राठौर का पुत्र प्रशांत राठौर (17), शिवाजीनगर निवासी दोस्त अंकित चौरसिया (18) व राहुल (19) के सात मंगलवार को गंगा स्नान करने आया था। पैंटून पुल के पास तीनों गंगा में नहाने लगे। उसी समय प्रशांत गहरे पानी में समा गया। अंकित व राहुल ने चीख-पुकार कर गोताखोरों से दोस्त को खोजने के लिए कहा, मगर उन्होंने नहीं सुनी।
दोस्तों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। करीब आधा घंटे में ही परिजन और अन्य दोस्त भी गंगा तट पर पहुंचे। मोहल्ले के ही आयुष गुप्ता ने बताया कि सभी लोग गोताखोरों से खोजबीन करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, मगर वह 15 हजार रुपये मांगते रहे। अचानक चले आने से इतनी रकम किसी के पास नहीं थी। लिहाजा लोगों ने एकत्रित करके पांच हजार रुपये दिए।
गोताखोरों ने रुपये लेने के बाद ही गंगा में छलांग लगाई। 10 मिनट में ही प्रशांत को बाहर निकाल लिया। परिजन लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों में चीख-पुकार मच गई। प्रशांत भाई-बहनों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ा भाई सोनू, आरती व गोल्डी हैं। प्रशांत पिता के साथ दुकान में हाथ बटाता था। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पांचालघाट चौकी इंचार्ज अमित शर्मा ने बताया कि गंगा में डूबने से प्रशांत की मौत हो गई थी। परिजन बिना कोई कार्रवाई किए शव लेकर घर चले गए।