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नौकरी बचाने को तदर्थ शिक्षकों को चयन बोर्ड की परीक्षा करनी होगी पास

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फर्रुखाबाद। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत जनपद में सन 2000 के पश्चात नियुक्त माध्यमिक विद्यालयों में तदर्थ (एडाक) शिक्षकों की नौकरी संकट में पड़ गई है। कोर्ट के आदेश पर प्रबंध तंत्र द्वारा नियुक्त तदर्थ शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा आयोग (चयन बोर्ड) द्वारा शिक्षक भर्ती को होने वाली परीक्षा को उत्तीर्ण करना होगा। तभी उनकी नौकरी बचेगी। जो तदर्थ शिक्षक चयन बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाएंगे, उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षक से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 30 दिसंबर 2000 के बाद नियुक्त तदर्थ शिक्षकों की पूरे विवरण के साथ सूची मांगी है। डीआईओएस ने जिले के सभी अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से वर्ष 2000 से 2019 तक तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति एवं सेवा मामलों से संबंधित अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तदर्थ शिक्षकों के संबंध में जारी आदेश में कहा कि राज्य सरकार खाली पदों पर परीक्षा कराकर जुलाई तक शिक्षकों की नियुक्ति करे। इस परीक्षा में तदर्थ शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा। यदि तदर्थ शिक्षक परीक्षा में पास हो जाते हैं तभी उनकी नौकरी बचेगी अन्यथा वह जुलाई 2021 के बाद नौकरी से हटा दिए जाएंगे। कोर्ट ने राहत देते हुए वर्षों से पढ़ा रहे तदर्थ शिक्षकों को उनकी सेवा अवधि के आधार पर अंक देने के आदेश दिए हैं। जो चयन बोर्ड की परीक्षा में प्राप्त अंकों में जोड़ा जाएगा।
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