फोटो-19, इटावा-बरेली हाईवे के किनारे डेरा जमाए बाढ़ पीड़ित। संवाद
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। बारिश के चलते दोनों ही नदियों में भारी मात्रा में बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। दो दिन से हो रही बारिश के कारण सड़क किनारे और छत पर आशियाना बनाए लोगों का बुरा हाल है। बाढ़ पीड़िताें के तिरपाल से रातभर पानी टपकता रहा। इससे वह रात में भी सो नहीं सके।
पशुओं को भी हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। मुंहपका और खुरपका बीमारी ने बाढ़ क्षेत्रों में पैर पसारने शुरू कर दिए है। गंगा में 169626 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर 137.25 मीटर पर है। गंगा खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर बह रही हैं। वहीं रामगंगा नदी में 47534 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदी का जलस्तर 135.25 मीटर पर है। बरसात के चलते बाढ़ क्षेत्र के लोग परेशान हैं। ठटा की मड़ैया, दौली की मड़ैया, पंखियन की मड़ैया में तेजी से कटान हो रहा है।
हाईवे किनारे डाला है डेरा
फोटो-20, सुरेश
भुड्डन की मड़ैया के रहने वाले सुरेश ने बताया कि गांव में पानी भरा होने के कारण वह इटावा-बरेली हाईवे के किनारे डेरा डाले हैं। दो दिन से हो रही बरसात के कारण त्रिपाल भी टपकने लगा है। रात जागकर काटनी पड़ी।
पन्नी तानकर रह रहे
फोटो-21, धर्मेंद्र
भुड्डन की मड़ैया के धर्मेंद्र ने बताया कि घर में पानी भरने से वह हाईवे पर ऊंचा स्थान देखकर पन्नी तानकर रह रहे हैं। हवा के साथ बरस रहे पानी के कारण पूरा सामान भीग गया है। दिन में वाहनों के आवाजाही के कारण सोना नहीं हो पाता। रात में पन्नी से टपकते पानी के कारण नींद नहीं आती है।