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कायमगंज में तंबाकू उद्योग पर ग्रहण

Wed, 20 Apr 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
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परिचय-बंद पड़ा तंबाकू गोदाम। - फोटो : अमर उजाला
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कायमगंज। दिल्ली सरकार ने तंबाकू बिक्री व भंडारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में खाद्य संरक्षा विभाग ने 13 अप्रैल को अधिसूचना भी जारी कर दी है। इससे तंबाकू नगरी के नाम से प्रसिद्ध कायमगंज में तंबाकू उद्योग पर संकट के बादल छा गए हैं। तंबाकू व्यवसाय से जुड़े व्यापारी, आढ़ती, दलाल, किसान और मजदूर सभी परेशान हैं। दिल्ली में ही प्रमुख तंबाकू उत्पादों की फैक्ट्रियां हैं और यहीं से पूरे भारत वर्ष में तंबाकू उत्पादों को बिक्री के लिए भेजा जाता है। ऐसे में तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध लगने से कायमगंज का तंबाकू उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।
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तंबाकू ट्रेड के अध्यक्ष सर्वेश गंगवार ने बताया कि गत वर्ष 25 मार्च को तंबाकू पर दिल्ली सरकार ने एक साल के लिए प्रतिबंध लगाया था। इस पर तंबाकू व्यवसायी हाईकोर्ट चले गये थे और प्रतिबंध पर स्टे करवा लिया था। इस समय स्टे की अवधि समाप्त हो गई है। इसलिए दिल्ली सरकार ने एक बार फिर प्रतिबंध की अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि कायमगंज क्षेत्र में तंबाकू व्यवसाय ही प्रमुख रोजी रोटी का साधन है। अगर तंबाकू उद्योग पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया तो बेरोजगारी बढ़ेगी और किसानों, मजदूरों तथा छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ जाएगा।

व्यापार मंडल के जिला महामंत्री मनोज कौशल का कहना है कि दिल्ली में तंबाकू पर लगे प्रतिबंध से सबसे ज्यादा नुकसान किसान को होगा। कहा कि जो तंबाकू दो हजार रुपये मन बिक रही थी। वह तंबाकू आज 1200 रुपये मन खरीदने को कोई तंबाकू व्यापारी तैयार नहीं है। छोटे तंबाकू व्यवसायी बर्बादी की कगार पर खड़े हैं। 90 प्रतिशत तंबाकू की गोदामें बंद हो गई हैं। आरोप लगाया कि विदेशी सिगरेट कंपनियों ने भ्रष्ट नेताओं को अपने जाल में फंसाकर प्रतिबंध लगवाया है। आखिर सिगरेट पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जा रहा है। सिगरेट तो स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। कायमगंज की वास्तविक तंबाकू का स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यहां की तंबाकू से निकोटीन निकाल कर दवाई बनाई जाती है।
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  प्रमुख तंबाकू व्यवसायी ब्रजेश गुप्ता ने बताया कि दिल्ली तंबाकू का प्रमुख केंद्र है। इस समय नया सीजन शुरू हुआ है और दिल्ली में प्रतिबंध के बाद मार्केट में तंबाकू की खरीददारी नहीं हो रही है। इससे क्षेत्र का किसान परेशान है। वहीं तंबाकू गोदामों में काम न होने के कारण मजदूर भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। अगर यह प्रतिबंध न हटा तो तंबाकू नगरी के नाम से प्रसिद्ध कायमगंज का अस्तित्व ही मिट जाएगा। तंबाकू व्यवसायी नीरज गंगवार ने कहा कि तंबाकू पर प्रतिबंध लगना कायमगंज के लिये खतरे की घंटी है। यहां तंबाकू उद्योग के अलावा दूसरा कोई उद्योग धंधा नहीं है। इस साल तंबाकू की फसल अच्छी होने के कारण अच्छा व्यापार चलने की उम्मीद थी लेकिन प्रतिबंध ने तंबाकू उद्योग पर ग्रहण लगा दिया। इससे किसान, व्यापारी, मजदूर और दलाल आदि सब मायूस हैं।
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