फर्रुखाबाद। पुलिस कर्मियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जनपद के नौ थानों में हॉस्टल, बैरक व विवेचना कक्ष बनाए जाएंगे। इस पर 61.28 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इसके लिए भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश डीजीपी कार्यालय से एसपी को दिए गए हैं।
जनपद के थानों में बने आवास व बैरकों की हालत दयनीय है। इससे पुलिस कर्मियों को दिक्कतें होती हैं। इसका असर उनके काम पर भी पड़ता है। पुलिस कर्मियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रदेश सरकार ने थानों में महिला पुलिस कर्मियों के लिए हॉस्टल, और पुरुष पुलिस कर्मियों के लिए बैरक बनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विवेचना करने वाले दरोगा व इंस्पेक्टर के लिए अलग से विवेचना कक्ष बनाए जाएंगे।
इस संदर्भ में डीजीपी कार्यालय से एसपी को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि हॉस्टल, बैरक व विवेचना कक्ष बनाने के लिए शासन ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड संस्था को निर्माण की जिम्मेदारी दी है। चिह्नित किए गए थानों का निरीक्षण कर कमेटी का गठन करें। गठित कमेटी थानों में तैनात दरोगा, सिपाही, महिला सिपाही व कक्षों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर 15 दिन के अंदर डीजीपी कार्यालय में भेज दें।
यह थाने किए गए हैं चिह्नित
शासन ने जनपद के मऊदरवाजा, नवाबगंज, राजेपुर, अमृतपुर, शमसाबाद, मेरापुर, मोहम्मदाबाद, कायमगंज, जहानगंज थानों को चिह्नित किया है। यहां पर हॉस्टल, बैरक व विवेचना कक्ष का निर्माण होगा। एक थाने में हॉस्टल, बैरक व विवेचना कक्ष के निर्माण के लिए शासन ने 69.86 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है। विवेचना कक्ष शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में दरोगा की तैनाती के अनुरूप बनाए जाएंगे।