अमृतपुर। आंधी-पानी से राजेपुर व अमृतपुर उपकेंद्र से गुजरी 33 हजार केवी पर पेड़ की डाल टूटने से चार और 11 हजार केवी के 18 बिजली के पोल टूट गए। पोल टूटने से दोनों उपकेंद्रों से जुड़े लगभग 300 गांवों की बत्ती 12 घंटे तक गुल रही। भीषण गर्मी में बिजली कर्मचारी पूरे दिन टूटी लाइन व खंभे बदलने में लगे रहे।
राजेपुर और अमृतपुर उपकेंद्र से 11 फीडर जुड़े हैं। इन फीडरों से सलेमपुर, राजेपुर, अमृतपुर, संथरा व जैनापुर व पड़ोसी जनपद हरदोई क्षेत्र के गांव अर्जुनपुर समेत लगभग 300 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है।
बुधवार तड़के करीब 4:50 बजे आंधी और पानी आने से जमापुर गौटिया के पास 33 हजार केवी लाइन पर पेड़ की डाल टूट कर गिर गई। इससे तीन पोल टूट गए। इसके साथ ही राजेपुर के पास 33 हजार केवी का एक पोल टूट गया। इससे दोनों उपकेंद्र बंद हो गए और गांवों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। जानकारी मिलने पर अमृतपुर उपकेंद्र के जेई होरीलाल व राजेपुर उपकेंद्र के जेई हरिओम ने लाइनमैनों से पेट्रोलिंग शुरू कराई।
पेट्रोलिंग के दौरान 11 हजार लाइन के 18 बिजली के पोल टूटे मिले। लाइनमैनों ने गांव गौटिया के पास काम शुरू कराया। शाम करीब पांच बजे पोल व लाइन ठीक कर आपूर्ति चालू की गई।
जेई होरीलाल ने बताया कि बाढ़ के कारण लोहे के बिजली पोल नीचे से गल गए हैं। इस कारण पेड़ की डाल गिरने से 33 हजार केवी के चार पोल टूट गए। जेई हरिओम ने बताया है कि तेज हवा के चलते राजेपुर क्षेत्र के गांव संथरा, सलेमपुर, जैनापुर में चार, दहेलिया और चाचूपुर में तीन-तीन 11 हजार लाइन के पोल टूट गए थे।
एक्सईएन फर्रुखाबाद ग्रामीण सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आंधी से 33 हजार केवी मुख्य लाइन के चार व 11 हजार केवी के 18 पोल टूट गए थे। पोलों को ठीक कर सायं पांच बजे आपूर्ति शुरू करा दी गई। लगभग ढाई लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।