फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घाटे में चीनी मिल ने मुनाफे की ओर बढ़ाए कदम

विज्ञापन
ायमगंज चीनी मिल में असवानी ईकाई में लगा एथनॉल बनाने का प्लांट। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
कायमगंज। हर साल लाखों का घाटा उठाने वाली चीनी मिल के अच्छे दिन आने वाले हैं। तीन वर्ष पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रोक की वजह से मिल की आसवनी इकाई को बंद कर दिया गया था।
विज्ञापन

अब करोड़ों की लागत से इसमें जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लग गया है। सोमवार से एथेनॉल प्लांट चालू कर दिया जाएगा। इससे घाटे में चल रही चीनी मिल मुनाफे की ओर बढ़ती नजर आने लगी है।
तय गन्ना समर्थन मूल्य व चीनी के दाम कम मिलने से किसान सहकारी चीनी मिल को हर साल घाटा उठाना पड़ता है। मिल को घाटे से उबारने के लिए आसवनी इकाई लगाई गई थी।
विज्ञापन

यहां चीनी से निकले शीरे से अल्कोहल/ रेक्टिफाइड स्प्रिट(आरएच) बनता है। इस घाटे से उबरने के लिए मिल संघ ने आरएच से एथेनॉल बनाने के लिए 3 करोड़ 7 लाख रुपये से प्लांट लगा दिया है।
वर्ष 2017 में यह प्लांट दो महीने ही चला। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह आपत्ति लगाई कि इस प्लांट से जो रासायनिक पानी निकल रहा है वह प्रदूषित है।
इसके बाद अगस्त 2018 से मिल संघ ने इस पानी को खपाने के लिए 25 करोड़ 90 लाख रुपये कीमत से जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लगाने का काम शुरू कराया। अब यह प्लांट भी लग चुका है।
इस इकाई के मैनेजर आरसी मिश्रा ने बताया कि प्लांट चालू होने को तैयार है और प्रदूषण बोर्ड ने इसकी अनुमति दे दी है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट से 20 हजार लीटर एथेनॉल रोजाना बनेगा।
इसे इंडियन ऑयल कंपनी व अन्य तेल कंपनियां पेट्रोल में मिलाने के लिए खरीदती हैं। जीएम किशनलाल ने बताया मिल की आसवनी इकाई में काम पूरा हो चुका है। 30 नंवबर से एथेनॉल प्लांट चालू कर दिया जाएगा। अब चीनी मिल से बचे शीरे आदि का पूरा उपयोग होगा।
आरएच का रेट 40 रुपये प्रति लीटर है। इससे एथनॉल बनाने में 8 रुपये प्रति लीटर का मुनाफा और होगा। इसके चलते रोजाना एक लाख 60 हजार रुपये की आमदनी बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें