शमसाबाद। गंगा की बाढ़ का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों पर भी पड़ने लगा है। कई स्कूलों में पानी भरने और संपर्क मार्ग बाधित होने से नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने 10 बाढ़ प्रभावित विद्यालयों के शिक्षकों को अस्थायी रूप से दूसरे विद्यालयों से संबद्ध कर दिया है।
खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि बाढ़ के कारण प्रभावित विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था सुचारु रखना चुनौती बन गया था। इसी को देखते हुए शिक्षकों को निकटवर्ती विद्यालयों में भेजकर वहां शिक्षण कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिक विद्यालय समैचीपुर चितार के शिक्षक प्राथमिक विद्यालय नगला गोदाम, कंपोजिट विद्यालय चंपतपुर के शिक्षक कंपोजिट विद्यालय प्रहलादपुर, प्राथमिक विद्यालय मकसूदपुर पट्टी के शिक्षक प्राथमिक विद्यालय झौआ और उच्च प्राथमिक विद्यालय मकसूदपुर पट्टी के शिक्षक कंपोजिट विद्यालय असगरपुर में शिक्षण कार्य करेंगे।
इसी तरह कंपोजिट विद्यालय कटरी तौफीक का स्टाफ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झौआ, प्राथमिक विद्यालय उलियापुर चंपतपुर का स्टाफ प्राथमिक विद्यालय अमलैया आशानंद, प्राथमिक विद्यालय बेहटा बल्लू का स्टाफ प्राथमिक विद्यालय मालू का नगला, कंपोजिट विद्यालय जटपुरा का स्टाफ उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रोशनाबाद, उच्च प्राथमिक विद्यालय रूपपुर का स्टाफ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरई तथा कंपोजिट विद्यालय भगवानपुर का स्टाफ उच्चतर प्राथमिक विद्यालय शमसाबाद में शिक्षण कार्य करेगा।
पानी उतरने पर लौटेंगे शिक्षक : बीईओ वीरेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने और संपर्क मार्ग सुचारु होने के बाद सभी शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेज दिया जाएगा।