डेंगू की चपेट आने से एक और मरीज की रविवार को मौत हो गई। इस पर परिजनों
में कोहराम मच गया। मरीज का एक सप्ताह से शहर के नर्सिंग होम में इलाज चल
रहा था। फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला मछली टोला निवासी मोहम्मद तैयब का 7
साल का बेटा अजान आरआरसी पब्लिक स्कूल में कक्षा 2 में पढ़ता है। अजान को
एक सप्ताह से
बुखार आ रहा था। परिवार के लोग शहर के नर्सिंग होम में उसका
इलाज करा रहे थे। शनिवार की रात अचानक अजान की तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर
परिजनों ने अजान को भोलेपुर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार
की भोर अजान की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि
अजान को डेंगू की पुष्टि हुई थी। शरीर पर छोटे-छोटे धब्बे पड़ गए थे। दस्त
के साथ खून आ रहा था। नाक से पानी निकल रहा था। मालूम हो कि इसी मोहल्ले
की रानी सक्सेना को भी डेंगू हो गया था।
बुखार से शिक्षक की मौत, डेंगू की आशंका
बुखार से पीड़ित नेत्रहीन अध्यापक ने देर रात दम तोड़ दिया। अध्यापक को
डेंगू की आशंक ा जताई गई है। मोहल्ला बजरिया रामलाल निवासी रविंद्र कुमार
प्रजापति तीन दिन से बुखार से पीड़ित थे। इनका नगर के एक निजी अस्पताल में
इलाज चल रहा था। शनिवार देर रात इनकी हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।
परिजन डेंगू से मौत की आशंका
जता रहे हैं। रविंद्र एसएनएम इंटर कालेज में
रसायन विज्ञान के अध्यापक थे। शिक्षण के दौरान उनकी नेत्र ज्योति चले जाने
पर प्रबंध समिति से उनका विवाद चल रहा था। 14 सितंबर को नगरपालिका कार्यालय
में हिंदी दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में डीएम सत्येंद्र कुमार ने
इन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।
20 दिन में तीन की गई जान
20
दिन में डेंगू से तीन लोगों की जान जा चुकी है। शमसाबाद इलाके के नगला सेठ
निवासी प्रभात और संतोषापुर निवासी रिषीपाल की भी मौत डेंगू से हुई है।
शहर के मोहल्ला सूफी खां की अम्सलाह की भी डेंगू ने जान ले ली। वहीं
शमसाबाद इलाके के गंाव कुइयां खेड़ा की आरजू , उलियापुर की खुशबू, नवाबगंज
इलाके के गांव गनीपुर की प्रियंका व कायमगंज में बगिया मंगूलाल की संजना
डेंगू का शिकार हो चुकी हैं।
डायरिया से बच्ची की मौत, तीन बीमार
फतेहगढ़ के मोहल्ला गोला कोहना में एक ही परिवार के चार बच्चे डायरिया की
चपेट में आ गए। इस दौरान एक बच्ची की मौत हो गई। तीन बच्चों को फतेहगढ़
स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। मोहल्ला गोला कोहना निवासी
योगेश मिश्र के बेटे रुद्र (5), लव (6), लक्ष्मी (2) और नौ माह की पुत्री
दिव्यांशी को शनिवार देर रात उल्टी और दस्त
होने लगे। रविवार सुबह
दिव्यांशी की मौत हो गई। इस पर योगेश मिश्र, उनकी पत्नी पूजा आदि परिजन
रुद्र, लव और लक्ष्मी को लेकर भोलेपुर स्थित नर्सिंग होम पहुंचे। योगेश
मिश्र ने बताया कि शनिवार देर रात बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। जब तक वह
बच्चों को अस्पताल ले जाते, तब तक छोटी पुत्री की मौत हो गई। डा. राकेश
तिवारी ने बताया कि
बच्चों को डायरिया है। बंगाली अहिरवार, रामशरन,
सुल्तान, ललित कुमार और अमित जाटव का कहना है कि मोहल्ले में गंदगी रहती
है। इससे मच्छरों की भी भरमार है। सफाईकर्मी महीनों नहीं आता है। उन्होंने
जिलाधिकारी से मोहल्ले में चिकित्सीय टीम भेजने की मांग की है।