हड़ताल : संविदा कर्मियों ने संभाली बिजली की व्यवस्था
फर्रुखाबाद। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की तैयारी के विरोध में विद्युत निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल कर दी है। विद्युत वितरण मंडल कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया। अवर अभियंताओं के काम न करने पर उपकेंद्रों पर तैनात संविदा कर्मचारियों ने बिजली सप्लाई की व्यवस्था संभाली। छोटे-छोटे फाल्ट आने पर ठीक भी कराए गए। सुरक्षा को उपकेंद्रों पर पुलिस बल, लेखपाल व अन्य विभागों के कर्मचारी तैनात रहे।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का सरकार निजीकरण करने जा रही है। इसका निगम के अफसर और कर्मचारी कई दिन से विरोध कर रहे हैं। रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रांतीय पदाधिकारियों की प्रमुख सचिव ऊर्जा से वार्ता फेल होने पर सोमवार से निगम के अफसर व कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पैर चले गए। डिवीजन कार्यालय कायमगंज, उपखंड कार्यालय नवाबगंज, नीबकरोरी, राजेपुर, जहानगंज और डिवीजन कार्यालय भोलेपुर के कार्यालयों में ताला डाल कर विद्युत वितरण मंडल कार्यालय परिसर में धरना दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रही।
जिले की बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने को उपकेंद्रों पर तैनात संविदा कर्मियों को कमान दी गई थी। उनकी सुरक्षा को उपकेंद्रों पर पुलिस बल और सहयोग में पीडब्लूडी के जेई, आईटीआई के टेक्निकल कर्मचारी लगाए गए थे। कुछ जगहों पर छोटे-छोटे फाल्ट आने पर संविदा कर्मचारियों ने ठीक करवाए। सुबह दस से शाम पांच बजे तक निगम के अधिकारी व कर्मचारी प्रदर्शन करते रहे।
अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा, एक्सईएन ग्रामीण हरिवरन सिंह, एक्सईएन मीटर सुुनील कुमार, एसडीओ जितेंद्र गुर्जर, एसडीओ विनोद कनौजिया, एसडीओ शरद प्रताप, एसडीओ रामकुमार, जेई अजय कुमार सिंह, जेई सत्येंद्र सिंह, जेई रंजीत मौर्या समेत वितरण खंड, मीटर खंड, भंडार गृह, वर्कशॉप व ट्रांसमिशन के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस हड़ताल को भारतीय किसान एसोसिएशन ने समर्थन दिया है। जिलाध्यक्ष राजेश सिंह यादव ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक को समर्थन पत्र दिया है।
कैंश काउंटर बंद रहने से भटके उपभोक्ता
हड़ताल के चलते शहरी, ग्रामीण खंड और कायमगंज खंड कार्यालय के सभी कैश काउंटर बंद रहे। इससे उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में दिक्कत उठानी पड़ी। भोलेपुर स्थित डिवीजन कार्यालय में सुबह दस से दोपहर दो बजे तक उपभोक्ता बिल जमा करने को आते रहे। हालांकि सभी को लौटना पड़ा।
फाल्ट से बिजली गुल होने से यहां यह हुई दिक्कत
शहर के भोलेपुर विद्युत उपकेंद्र के फतेहगढ़ फीडर के 11 केवी पोल का इंसुलेटर रविवार रात खराब हो गया। इससे सात मोहल्लों की बिजली रात दो बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक बंद रही। संविदा कर्मियों ने इंसूलेटर बदल कर बिजली चालू की।
कांशीराम कालोनी में करीब 1253 आवास हैं। इनमें पानी सप्लाई को दो नलकूप लगे हैं। रविवार रात इनकी लाइन खराब हो गई। हड़ताल के कारण लाइन सही नहीं हो सकी। इससे नलकूप बंद हैं और आवासों में पानी की सप्लाई ठप है।
किसानों के नलकूपों को बिजली देने के लिए उपकेंद्रों से अलग फीडर बनाए गए हैं। हजियांपुर उपकेंद्र का नलकूप फीडर सोमवार 12 बजे 11 केवी की लाइन में फाल्ट आने से बंद हो गया। फाल्ट देर शाम तक ठीक न होने से नलकूप बंद रहे।
लेखपाल फाल्ट नहीं करवा पाए ठीक, बिजली रही गुल
कायमगंज। हड़ताल के पहले दिन रुटौल उपकेंद्र पर एसएसओ के सहयोग में लेखपाल अजय कुमार, एक शिक्षक व होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई। मोहल्ला गांजा भांग की गली निवासी पप्पू की केबल सुबह आठ बजे खराब हो गई। जटवारा रोड पर लाइन टू फेस हुई। बालगोपाल हास्पिटल की गली में फाल्ट आने से बिजली गुल हो गई।
बगिया सोहन लाल में 250 केवी ट्रांसफार्मर से लाइन टू फेस हो गई। यह सभी समस्याएं होने से कई जगह की बिजली गुल बनी रही। इनको सही करने वाला कोई कर्मचारी नहीं था। तकनीकी जानकारी के अभाव में लेखपाल व शिक्षक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। भटासा, बरझाला विद्युत उपकेंद्र पर भी लेखपाल तैनात रहे। एसडीएम सुनील कुमार, कोतवाली प्रभारी दिनेश भारती ने निरीक्षण किया। लेखपाल ने बताया कि वह राजस्व संबंधी काम जानते हैं, बिजली संबंधी नहीं जानते हैं। इस कारण वह कुछ नहीं कर सकते हैं।
आईटीआई प्रशिक्षु भी रहे तैनात
कमालगंज। उपकेंद्रों पर संविदा कर्मचारियों के सहयोग में आईटीआई प्रशिक्षु भी तैनात रहे। कमालगंज विद्युत उपकेंद्र के खुदागं ज, गदनपुर तुर्रा, कैटहा, कुंअरापुर, शीतगृह व कमालगंज कसबा फीडर से बिजली देने की जिम्मेदारी पूरे दिन निभाते रहे। संविदा कर्मचारी, आईटीआई के प्रशिक्षु व लेखपालों पर इन फीडरों से बिजली देने का दबाव बना रहा।