नगर पालिका सभागार में पत्रकारों से बातचीत करतीं पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल।
- फोटो : नगर पालिका सभागार में पत्रकारों से बातचीत करतीं पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल।
फर्रुखाबाद। करीब पांच दशक बाद जीआईएस सर्वे करवाकर शहर में नया कर लगाया गया। इसके बाद से पालिका में शिकायतों की बाढ़ आ गई। इसका फायदा उठाकर बिचौलिया भी सक्रिय हो गए। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि जनता बिचौलियों के चक्कर में न आए। उन्होंने निगरानी समिति बना दी है। समिति शिकायत का तुरंत निस्तारण करेगी।
नगर पालिका कार्यालय पहुंची पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि 1972 के बाद पहली बार टैक्स लगा है। प्रशासक कार्यकाल में जीआईएस सर्वे कराया गया था। इसके बाद शासन से निर्धारित फार्मूला से कर निर्धारण किया गया। जनता के घर कर के बिल पहुंचे, तो शिकायतों का अंबार लग गया।
पता चला कि कर कम कराने के लिए तमाम दलाल सक्रिय हो गए। उन्होंने साफ किया कि शहर का कोई भी व्यक्ति दलाल के चक्कर में न पड़े। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण के लिए एक निगरानी समिति बना दी है। उसमें वार्ड के सभासद को भी रखा गया है। पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल ने कहा कि जिले की कायमगंज नगर पालिका के अलावा हरदोई, फतेहपुर आदि कई जिलों से अपने यहां टैक्स कम है। पहले 22 हजार मकान थे, जो अब 72 हजार हो गए हैं। 30 वर्गमीटर पक्का तथा जिस मकान की कच्ची छत पर उस पर कोई कर नहीं है। दलालों और बिचौलियों से दूर रहें।