फोटो-36, फर्रुखाबाद अमृत भारत स्टेशन का अधूरा पड़ा भवन। संवाद
फर्रुखाबाद। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने की मंशा से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहा निर्माण धीमा है। सवा दो साल में मुख्य भवन तक तैयार नहीं हो सका।
प्रस्तावित तीन पोर्टिको में से एक की शटरिंग तक अधूरी पड़ी है। स्वचलित सीढ़ी निर्माण भी कई महीने से बंद पड़ा है। प्लेटफार्म के यात्री शेड भी बदहाल हैं।
केंद्र सरकार ने ढाई साल पहले स्थानीय रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया था। इसके पुनर्निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह अगस्त 2023 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से शिलान्यास किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत ने रेलवे अफसरों के सामने डेढ़ साल में निर्माण पूरा हो जाने की बात कही थी।
कार्यदायी संस्था ने काम शुरू किया, मगर कन्नौज स्टेशन पर हादसे के बाद निर्माण बंद हो गया। करीब पांच माह पहले दूसरी कार्यदायी संस्था ने काम शुरू किया, मगर निर्माण की गति धीमी रही। अभी तक न तो कॉमर्शियल भवन बन सका और न ही टिकटघर, यात्री प्रतीक्षालय में मात्र पिलर ही लग सके हैं।
भवन में प्रस्तावित तीन पोर्टिको में एक के खड़े किए गए पिलर पर आधी-अधूरी शटरिंग लगाई गई है। स्वचलित सीढि़यों के लिए सभी प्लेटफार्म पर फाउंडेशन बनकर तैयार हैं। मगर उन पर अभी तक अन्य काम नहीं किया गया। आधुनिक सुविधाओं के नाम पर 27 महीने से यात्री परेशान हैं। स्टेशन पर गंदगी का पसरी रहती है। काम में तेजी नहीं आ रही।