वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष की हत्या
फर्रुखाबाद। वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष के सिर पर वजनदार वस्तु से वार कर मंगलवार रात हत्या कर दी गई। उनका शव घर से कुछ दूरी पर गली में पड़ा मिला। हत्या के पीछे प्रापर्टी का विवाद बताया जा रहा है।
शहर के मोहल्ला नारायणदास गली निवासी वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश गुप्ता (62) की शादी नहीं हुई थी। संपत्ति को लेकर उनका अपने एक भाई से विवाद चल रहा था। दो वर्ष पूर्व भी उन्हें गोली मारी गई थी। इस मामले में उन्होंने एक भाई व शहर के दो बड़े साड़ी कारोबारी भाइयों पर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी भाई जेल भी गया था।
बाद में भाई से समझौता हो गया था और वह दिल्ली जाकर रहने लगा था। सतीश मकान में अकेले रहते थे। मंगलवार रात करीब नौ बजे उनका शव पड़ोसी मिंटू ने गली में खड़ी कार के पीछे पड़ा देखा। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सतीश के सिर पर वजनदार वस्तु से वार किया गया था। शरीर पर घिसटने के निशान थे। जानकारी मिलने पर उनके भतीजे अंकित गुप्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि चाचा का प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में हत्या किए जाने की आशंका है।
शव मिलने के स्थान से दस मीटर दूर स्थित उनके घर में जाकर जब पुलिस ने छानबीन की तो वहां कुछ देर पहले संघर्ष होने के निशान मिले। इससे आशंका है कि घर के भीतर हत्या कर सतीश का शव गली में फेंक दिया गया है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर वहां साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधीक्षक ने पहुंच कर मामले की जानकारी की और आसपास के लोगों ने पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
हत्या की आशंका जताकर एसपी को दिया था प्रार्थनापत्र
सतीश गुप्ता के पास काफी प्रापर्टी थी। उनकी शादी न होने से उनके प्रापर्टी पर सभी की नजर रहती थी। इसके चलते उनका विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताकर कुछ माह पूर्व एसपी को प्रार्थना पत्र भी दिया था। सतीश के पास पहले अंडरवियर व बनियान की एजेंसी थी। बाद में उन्होंने अपना कारोबार बंद कर दिया था। मकान आदि के किराए से उनके पास रकम आती थी। वह चार भाई थे।