सूर्य ग्रहण पर बढ़पुर स्थित मंदिर के बंद कपाट।
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सूर्य ग्रहण : मंदिरों के कपाट रहे बंद
फर्रुखाबाद। पांच घंटे तक चले पूर्ण खग्रास सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। दोपहर बाद ग्रहण मोक्ष होने पर मंदिरों के कपाट खुले और सफाई की गई। देव प्रतिमाओं का शृंगार हुआ और आरती की गई। घरों में भी लोगों ने सफाई करके दानपुण्य किया।
किसी भी ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है। प्रात: दस बजे शुरू हुए सूर्यग्रहण के कारण भोर में मंदिरों के कपाट नहीं खोले गए। ग्रहण शुरू होने पर लोग घरों में मंत्र जाप करने लगे। ग्रहण काल तक लोगों ने घरों में खाद्य सामग्री में और अपने पास जेब में तुलसी, दूर्वा, कुश को रखा।
तीन बजे ग्रहण मोक्ष के बाद मंदिरों और घरों में सफाई शुरू हो गई। धर्मप्रेमियों ने सूर्य को जल देकर जरूरतमंदों को भोजन कराया। पांचाल घाट पर कई सिद्ध संत ग्रहण के दौरान गंगा जल में बैठकर, खड़े होकर साधना करते रहे। जब भगवान सूर्य को ग्रहण से मुक्ति मिली, तो वेदमंत्रोच्चार गूंजने लगे। लोगों ने हर-हर गंगे उद्घोष के साथ स्नान किया। गंगा तट पर शाम तक भक्तों की संख्या काफी रही।