जेसीबी चालक की गंगा में डूबने से मौत, हत्या का आरोप
फर्रुखाबाद। ढाई घाट पर रविवार सुबह संदिग्ध हालात में जेसीबी चालक गंगा में डूब गया। वहां मौजूद लोगों ने उसे एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाला। जेसीबी मालिक बुआ का बेटा व बहनोई उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
बुआ के बेटे ने कार सवार लोगों पर चालक को गंगा में फेंक कर हत्या करने का आरोप लगाया है। हाथरस थाना सिकंदराराऊ के गांव भुरका निवासी रिंकू पुत्र रामरतन की जेसीबी है। थाना मेरापुर के गांव प्रहलादपुर निवासी मामा शेर सिंह का बेटा आदेश (25) इसे चलाता था। उसे शमसाबाद थाना क्षेत्र में ढाई घाट के पास एक भट्ठे के लिए मिट्टी खनन का काम मिला है।
रविवार सुबह आदेश बहनोई अमृतपुर के बनासीपुर निवासी विजय सिंह व रिंकू के साथ ढाई घाट पर था। करीब आठ बजे विजय व रिंकू ने शोर मचाया कि आदेश गंगा में डूब गया है। इस पर वहां मौजूद पंडा आदि गंगा में कूद पड़े। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद नौ बजे आदेश को निकाल लिया। विजय व रिंकू एंबुलेंस से उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
रिंकू ने बताया कि आदेश जेसीबी चला रहा था। तभी एक कार से छह-सात लोग वहां पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से उसे खींच कर अपनी कार में डाल लिया और ढाई घाट पुल से गंगा में फेंक दिया। इसके बाद कार सवार भाग गए। बताया कि आदेश की अपने गांव में पौने चार बीघा खेत के विवाद को लेकर रंजिश है। उसी के चलते उसकी हत्या की गई है। मृतक की पत्नी निशा अपने दो वर्ष के बेटे डीपी व अन्य परिजनों के साथ लोहिया पहुंच गई। इससे वहां चीत्कार मच गया।
शमसाबाद थानाध्यक्ष जेएल सोनकर ने बताया कि उन्होंने मौके पर पूछताछ कराई तो पता चला है कि घटना गंगा के उस पार जनपद शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर क्षेत्र में हुई है। आदेश व उसका बहनोई विजय गंगा में नहा रहे थे। तभी आदेश डूब गया था। फेंकने का आरोप सही नहीं है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। थानाध्यक्ष मिर्जापुर दिलीपुर कुमार सिंह ने बताया कि घटना उनके थाना क्षेत्र में नहीं हुई है। न ही यहां किसी कोई जानकारी दी है।
छह भाइयों में सबसे छोटा था आदेश
आदेश छह भाइयों में सबसे छोटा था। नरेंद्र, मुकेश, कुंवरपाल, अवधपाल, अवधेेश उसके बड़े भाई हैं। पुष्पा, रीता व शीतला उसकी बहनें हैं। आदेश की मां रूपश्री रो-रोकर बेेहाल हो गईं।