फर्रुखाबाद। भाजपा की घोषित जिला कार्यसमिति को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा घमासान मचा है। इसमें किसी को दोहरा लाभ देने के आरोप लगे हैं, तो कई कार्यकर्ता नजरंदाज किए जाने से नाराज हैं। पदों का दायित्व काम की बजाय चेहरा और करीबी देखकर दिए जाने की बात कही जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष की संस्तुति पर भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र राजपूत ने यह कार्यसमिति घोषित की है। इसमें 24 पदाधिकारियों में आठ उपाध्यक्ष, तीन जिला महामंत्री और आठ मंत्री शामिल हैं। संजीव गुप्ता को लगातार छठवीं बार कोषाध्यक्ष बनाए जाने पर सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया पर जानकारी डाली गई कि क्या यह पद भाजपा में आरक्षित होता है। सपा से आए एक पूर्व पदाधिकारी को बिना सक्रिय सदस्यता के ही पद दिया गया। उन्हें एक पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि का करीबी बताया जा रहा है। एक पदाधिकारी की पत्नी को सदस्य बनाए जाने पर भी चर्चा गर्म है। पार्टी के लोग परिक्रमा और खातिरदारी करने वालों को विशेष तरजीह मिलने की बात कह रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा ने इन आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि कोषाध्यक्ष एक ही व्यक्ति कितनी बार भी बन सकता है, इसकी कोई बाध्यता नहीं है। जिलाध्यक्ष के अनुसार, सभी पदाधिकारी सक्रिय सदस्य हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरी पार्टी से आया व्यक्ति पहले भाजयुमो का पदाधिकारी रह चुका है।