फर्रुखाबाद। रक्षा मंत्रालय की अधिसूचना के बाद छावनी क्षेत्र के सात में से छह वार्ड नगरपालिका में शामिल हो जाएंगे। यहां रहने वाले करीब 8300 लोगों को नगरपालिका की सुविधाएं मिलने लगेंगी। बोर्ड में कार्य कर रहे 19 लोगों को भी नगरपालिका में समाहित किया जाएगा। स्कूल, अस्पताल, पेयजल, सफाई जैसी सभी सुविधाएं भी हस्तांतरित होंगी। इसके लिए दो महीने का समय रखा गया है।
देश के 10 छावनी क्षेत्रों को रक्षा मंत्रालय ने नगरपालिका, नगर निगम में समाहित करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें फतेहगढ़ छावनी परिषद भी शामिल है। छावनी परिषद में सात वार्ड हैं। यहां की कुल आबादी करीब 8731 है। वार्ड एक से छह तक को सदर नगरपालिका से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पड़ने वाली डिस्पेंसरी, स्कूल, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सफाई के लिए नगरपालिका जिम्मेदार होगी। यहां कार्य करने वाले करीब 19 कर्मचारियों को भी नगरपालिका में समाहित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या सात बंगला एरिया को छावनी क्षेत्र में ही रखा गया है। बताया कि छावनी क्षेत्र का पूरी तरह से अस्तित्व समाप्त नहीं होगा। सैन्य क्षेत्रों के साथ ही बंगला एरिया की सफाई आदि की जिम्मेदारी छावनी बोर्ड की होगी। छावनी क्षेत्र के छह वार्ड नगरपालिका सदर में शामिल होने के बाद यहां 48 वार्ड हो जाएंगे। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि इसके लिए दो माह का समय दिया गया है। इसके तहत स्थानीय नागरिकों से आपत्तियां भी मांगी गई हैं।
यह मोहल्ले होंगे शामिल
छावनी क्षेत्र में शामिल शीशमबाग, कासिमबाग, नौगवां, कर्नलगंज मोहल्लों को नगरपालिका में शामिल किया जाएगा।
छावनी बोर्ड का बदलेगा आकार
अभी तक छावनी परिषद में सात वार्ड होने के चलते बोर्ड में जनता से चुने हुए सात सदस्य होते थे। सेना के वरिष्ठ ब्रिगेडियर को बोर्ड का पदेन अध्यक्ष व सीईओ को पदेन सचिव मनोनीत किया जाता था। जनता के बीच से चुने हुए सात सदस्यों में से एक को उपाध्यक्ष बनाया जाता था। बोर्ड सदस्यों में जनता से चुने गए 6 सभासद, व एमईएस, आर्मी अस्पताल सहित अन्य अधिकारी शामिल होते थे। 6 वार्डों के नगरपालिका में जाने से अब सदस्यों की संख्या घट जाएगी। अभी विगत दो वर्षों से बोर्ड भंग चल रहा है।
एक बरातघर सहित नई जल परियोजना होगी शामिल
छावनी परिषद के छह वार्डों के नगरपालिका में विलय के साथ एक बरातघर, अमृत योजना के तहत बन रही पानी की टंकी, नलकूप, और कली पार्क पालिका को सुपुर्द कर दिया जाएगा। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन की देखभाल भी अब पालिका की होगी। जबकि क्षेत्र में स्थित दूसरा बारातघर छावनी परिषद के अधिकार में रहेगा।