संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। घर में रविवार रात बनी मसूर की दाल फ्राई करके एक परिवार के छह सदस्यों ने खाई, तो हालत खराब हो गई। सभी लोग सुबह नहीं जागे तो हड़कंप मच गया। बेहोशी की हालत में सभी को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा निवासी रनवीर सिंह यादव की पत्नी मीना (40) ने रविवार रात मसूर की दाल बनाई थी। इसमें तड़का लगाया। इसके बाद रनवीर सिंह (45), पत्नी मीना, बेटी काजल (15), अर्चना (8), पुत्र नागेश (12), रावेश (7) ने यह दाल खाई। इसके बाद सभी सो गए। रनवीर की बड़ी बेटी रुचि (18) ने दाल नहीं खाई। वह रोज की तरह सुबह पांच बजे उठी। कुछ देर बाद उसने माता-पिता को उठाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं जागेे। छोटे भाई-बहन भी नहीं उठे। एक भाई को जबरन उठाकर बैठा दिया, तो वह लुढ़क गया। दूसरा आंगन में गिर गया। रुचि की सूचना पर मोहल्ले और परिवार के लोग आ गए। खेत पर सो रहे रुचि के ताऊ शिवलाल यादव सूचना मिलते ही घर पहुंचे। उन्होंने सभी को साढ़े सात बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। दोपहर तक सभी की हालत में सुधार हो गया था। शिवलाल यादव ने बताया कि सरसों के तेल से तड़का लगाया गया था और तेल भी घर का पिरा हुआ है।
साढ़ूू के बेटे ने खाई थी सादा दाल
रनवीर सिंह के साढ़ूू जलालाबाद (शाहजहांपुर) निवासी ओमकार सिंह का पुत्र राहुल भी वहीं था। उसने वही दाल बिना तड़के के खाई थी। उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। यही नहीं बेटी रुचि ने दाल नहीं खाई, तो वह भी स्वस्थ है। तेल में ही कुछ होने की आशंका जताई जा रही है।
बिना धोए खा ली थी बाजार की दाल
लोहिया अस्पताल के डा. प्रशांत सेंगर ने बताया कि सभी सदस्य एक ही परिवार के हैं। बात तो कर रहे थे, मगर बेहोशी छा रही थी। बाजार की दाल बिना धोए खा ली थी। कीड़ों से बचाने को उसमें विषाक्त पाउडर मिलाया जाता है। हो सकता है उसी से फूड प्वाइजनिंग हुई हो। बहरहाल सभी स्वस्थ हैं।