फर्रुखाबाद। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से बुधवार को द्वादश ज्योतिर्लिंग शिव दर्शन मेला का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि जोन प्रभारी कानपुर बीके विद्या ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद ओम निवास जटवारा जदीद से कलश यात्रा निकाली गई। भीषण गर्मी के बावजूद कलश यात्रा में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कलश यात्रा में शामिल द्वादश ज्योतिर्लिंग, भगवान शिव और श्रीकृष्ण की झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया।
कलश यात्रा जटवारा जदीद, अंगूरी बाग, साहबगंज चौराहा, त्रिपोलिया चौक, घुमना बाजार, रेलवे रोड, स्टेट बैंक और मदारवाड़ी से होती हुई कार्यक्रम स्थल डीपीवीपी इंटर कॉलेज पहुंची, जहां समापन हो गया। कलशयात्रा में एक ठेली पर शिवलिंग रखकर चल रहे थे। उसके आगे महिलाएं और युवतियां सिर पर कलश रखे चल रही थीं।
नेहरू रोड पर संस्कार भारती के पूर्व उपाध्यक्ष निमिष टंडन ने कलश यात्रा का स्वागत किया। उन्होंने द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बीके सुमन ने कहा के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का उद्देश्य समाज सेवा है।
विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक राजेश कृष्ण ने कहा कि अध्यात्म से आत्मिक शांति मिलती है। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी केंद्र अध्यात्म प्राप्त करने का माध्यम है। आयोजक बीके शोभा ने कहा कि इस मेले के माध्यम से लोगों को समाज सेवा के बारे में बताया जाएगा। 25 अप्रैल को कार्यक्रम का समापन होगा।
मेले में द्वादश ज्योतिर्लिंग सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमाशंकर, रामेश्वरम्, नागेश्वर, विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, घृष्णेश्वर और केदारनाथ के शिवलिंगों को सजाया गया था। भक्तों ने द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। इस मौके पर बीके गीता, ज्योति, सीमा, सुनीता, उमा, मुरली भाई, वेदपाल, आशाराम, डॉ. आरके चटवाल, डॉ. पीएस सूद, बीके बल्लू, पूनम, हेमचंद्र, गंगा सिंह, प्रकाश कुमार आदि मौजूद रहे।
डीपीवीपी इंटर कॉलेज में शुरू हुए द्वादश ज्योतिर्लिंग शिव दर्शन मेला में 40 फीट का शिवलिंग आकर्षण का केंद्र रहा। सादाबाद आगरा से आए कलाकार सूरत, ऋषि, बीके लक्ष्मण और भावना ने बताया कि पैराशूट के कपड़े से 40 फीट का शिवलिंग बनाया गया है। शिवलिंग के नीचे हवा भरने के लिए मोटर पंप लगा है। इसके अलावा द्वादश ज्योतिर्लिंग, भगवान शंकर और गोपिकाओं के साथ नृत्य करते भगवान श्रीकृष्ण की झांकी भी आकर्षक ढंग से बनाई गई थी।