फर्रुखाबाद। अपनी जमीन पर झोपड़ी डालकर रह रहे बाढ़ पीड़ित पर हमले में पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर समेत सात लोगों पर पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की। पुलिस तहरीर न आने की बात कह रही है।
मऊदरवाजा थाने के गांव ठटा की मड़ैया गांव खत्म हो गया। वहां के निवासी रामबक्श, रामविशुन अपने परिवार के साथ धारा नगरी में 35 साल पुरानी जमीन पर झोपड़ी डालकर रह रहे। उन पर कांशीराम कॉलोनी निवासी हिस्ट्रीशीटर ने 20-25 लोगों के साथ शनिवार शाम हमला बोल दिया था।
तोड़फोड़ कर सामान नाले में फेंक दिया। इस पर ग्रामीणों ने एक हिस्ट्रीशीटर को दौड़ा-दौड़ाकर पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने पहुंचकर छह हमलावरों को हिरासत में लिया। इनमें दो हिस्ट्रीशीटर भी थे।
रविवार दोपहर में पुलिस ने पीड़ित रामविशुन (41), दूसरे पक्ष के धारानगरी निवासी अमन राजपूत (21), कांशीराम कॉलोनी के हिस्स्ट्रीशीटर शिवम उर्फ छुआरा (28), शिवा सक्सेना (25), आवास विकास निवासी दिनेश अवस्थी (48), माधौपुर निवासी अवनीश यादव (26) और गांव भिड़ौर रामसहाय नगला निवासी आशीष (21) पर शांतिभंग की कार्रवाई की।
उधर, मुख्य आरोपी आरा मशीन संचालक है। रविवार को भी वह आरामशीन के आसपास देखा गया, मगर सब कुछ जानकर भी पुलिस ने उसे पकड़ने की जरूरत नहीं समझी।
रामविशुन ने बताया कि पुलिस ने हमलावरों पर सख्त कार्रवाई नहीं की। थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने बताया कि किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी, इसीलिए शांतिभंग की कार्रवाई की गई।