फर्रुखाबाद। राजेपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं से मारपीट, रसोई से जुड़े काम कराने, अभद्र व्यवहार और विद्यालय का माहौल खराब करने के आरोप में प्रभारी वार्डन, सहायक रसोइया व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने यह कार्रवाई दो सदस्यीय कमेटी की जांच आख्या के आधार पर डीएम के अनुमोदन के बाद की है।
ब्लाक राजेपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अनियमितताओं के चलते ग्रामीणों ने छह अगस्त को जिलाधिकारी डाॅ. अंकुर लाठर से शिकायत की थी। इसमें विद्यालय में अव्यवस्था, छात्राओं पर दबाव बनाने और मारपीट के आरोप लगाए गए थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी छात्राओं की डंडे से पिटाई किए जाने की बात सामने आई थी।
जिलाधिकारी के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने राजेपुर के खंड शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार श्रीवास्तव व मोहम्मदाबाद ब्लाक की खंड शिक्षा अधिकारी भारती शाक्य को शामिल कर जांच टीम बनाई थी। जांच कमेटी ने सात अगस्त को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान छात्राओं ने बताया कि वार्डन ममता रानी कभी-कभी शरारत या गृहकार्य न करने पर डांटने के साथ पिटाई करती थीं। छात्राओं ने कहा कि सहायक रसोइया उनसे रोटी बेलवाने, पानी भरवाने, सब्जी कटवाने और चाय बनवाने समेत रसोई के अन्य काम कराती हैं। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की बात भी सामने आई। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बलवीर शुक्ला पर भी एक छात्रा को पीटने का आरोप लगाया गया। जांच समिति ने बताया कि विद्यालय में कर्मचारियों के बीच गुटबाजी और आपसी तालमेल की कमी के चलते भी विद्यालय का माहौल खराब हो रहा है। जांच के दौरान महिला अधिकारी से अभद्रता और धमकी देने की भी बात सामने आई है। जांच टीम ने तीनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी।
बयान
तीनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था। प्रभारी वार्डन ममता रानी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। रसोइया व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने कोई जवाब नहीं दिया है। जिलाधिकारी के अनुमोदन पर वार्डन, रसोइया व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सेवा तीनों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
- विश्वनाथ प्रताप सिंह, बीएसए