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आग की लपटें देख अपनों की जान बचाने में जुटे यात्री

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गांव हथियापुर के पास कासगंज-फर्रुखाबाद पैसेंजर ट्रेन की बोगी में धधकती आग। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। पैसेंजर ट्रेन की बोगी में आग की लपटें देखकर यात्रियों में चीख पुकार मच गई थी। ट्रेन रुकती न देख जान बचाने के लिए एक यात्री ने चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन रुकी तो यात्री इससे कूदने लगे। कोई सामान लेकर कूद रहा था तो कोई बच्चों को उतारने के लिए चीख रहा था। ट्रेन में आग लगी देखकर पड़ोसी गांव नट नगला के ग्रामीण आ गए। गनीमत रही कि बोगियों में यात्री काफी कम थे।
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कासगंज-फर्रुखाबाद पैसेंजर ट्रेन रविवार रात करीब 11:30 बजे मंझना स्टेशन से सही सलामत चली। पांच मिनट बाद ही इंजन से पीछे चौथी बोगी में बैठे कुछ यात्रियों को धुएं से घुटन महसूस हुई। कासगंज के गांव सिंगथरा निवासी सहदेव शर्मा बीमार भाई भगवान दास को कानपुर ले जा रहे थे। उनके साथ भतीजा सूर्य प्रकाश, दामाद निरंजन भी थे। भगवान दास दमा के मरीज हैं।
वह अचानक दम घुटने की बात कहकर चीखने लगे। इस पर सहदेव ने बाहर झांककर देखा तो आगे वाली बोगी से धुएं के गुबार और आग की लपटें उठ रही थीं। इस पर वह शोर मचाने लगे। लपटें पीछे के डिब्बे में घुस रही थीं। सहदेव ने बताया कि करीब चार किलोमीटर तक ट्रेन नहीं रुकी तो हरसिंहपुर गोवा हाल्ट के आसपास चेन पुलिंग कर दी।
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जैसे ही ट्रेन रुकी, बोगियों से यात्री परिजनों के साथ सामान लेकर कूदने लगे। पास के गांव के लोग दूर से आराम से उतरने की आवाजें लगा रहे थे, क्योंकि पटरी के एक तरफ खाई में नाले का पानी भरा था और दूसरी ओर भी गहरी खाई थी। यात्रियों की संख्या कम होने से भगदड़ में कोई घायल नहीं हुआ।
कासगंज के गांव मनोटा निवासी सूर्यप्रकाश इंजन के पीछे चौथी बोगी में थे। बताया कि बस जान बच गई। धुआं इतना ज्यादा था कि बोगी में कुछ दिख नहीं रहा था। जब ट्रेन रुकी तब जान में जान आई।
कासगंज निवासी करीमउद्दीन बिल्हौर जा रहे थे। कहा कि आग भयंकर थी। बोगी से बैग लेकर कूदे तो गिट्टी पर गिर गए। हल्की चोट लग गई। बोगी कटने के बाद आगे वाले डिब्बे में बैठ गए। तब खुद को सुरक्षित समझा।
दरियावगंज के ह्रदेश दीक्षित कानपुर जा रहे थे। बताया कि जलने की महक तो पांच-छह किलोमीटर से आ रही थी, मगर समझा कि आसपास कुछ जल रहा होगा। बाहर देखा तो जान पर बन आई। चालक और गार्ड ने आग नहीं देखी।
कासगंज के गोविंद मिश्र ने बताया कि जैसे ही ट्रेन रुकी तो बैग लेकर कूदे। इसके बाद एक महिला और बच्चे को नीचे उतार दिया। बमुश्किल आगे वाले डिब्बों तक पहुंचा सके। जान बच गई। बस यही बहुत है।
इज्जतनगर डीआरएम के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एसके भारती, मुख्य संरक्षा आयुक्त रफीक अहमद अंसारी, चीफ इलेक्ट्रिक जनरल इंजीनियर वाई के यादव और उप मुख्य संरक्षा अधिकारी (यांत्रिक) अभ्युदय शामिल हैं। जल्द ही टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी।
बोगी में आग लगने से कासगंज-फर्रुखाबाद रेलखंड की बिजली लाइन बंद कर दी गई थी। आनंद विहार एक्सप्रेस एक घंटे तक फर्रुखाबाद स्टेशन पर खड़ी रही। इसके अलावा दो मालगाड़ी गंजडुंडवारा, दो कासगंज और एक मालगाड़ी मथुरा से निकलते ही रोक दी गई थी। सुबह साढ़े चार बजे यातायात सुचारु हो सका।
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