फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता को लगाने के लिए लाए गए एक्सपायर्ड फ्लूड के मामले में जांच टीम ने दोनों ड्यूटी स्टाफ नर्स से दवाएं रखने और लगाने का सीन रिक्रिएशन कराया। इसके बाद प्रसूता के पति के बयान भी दर्ज किए गए।
मऊदरवाजा थाने के मोहल्ला टिलिया अहमदगंज (बीबीगंज) निवासी आयुष दुबे की पत्नी ने 29 मई की दोपहर में लोहिया अस्पताल में ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया था। रात के वक्त ड्यूटी स्टाफ नर्स ने उनके लगाने के लिए एक फ्लूड की 100 मिलीलीटर की बोतल रखी। आयुष ने जांच की, तो वह अप्रैल 2025 में ही एक्सपायर हो चुकी थी। उन्होंने अपने भाई के साथ फ्लूड की बोतल का वीडियो बनाया। इसके बाद वह जब लेबर रूम में स्टाफ नर्स से शिकायत करने गए, तो अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। हालांकि ड्यूटी स्टाफ ने उनके हाथ से एक्सपायर्ड बोतल छीन ली। मगर जब वीडियो बन जाने की जानकारी हुई तो भौचक्के रह गए। इस घटना काे अमर उजाला ने एक जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिलाधिकारी के संज्ञान लेने पर सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव, डॉ. प्रभात वर्मा, डॉ. कृष्णाबोस, चीफ फार्मासिस्ट संजीव कुमार की टीम बना दी।
टीम ने मंगलवार को अस्पताल में जांच की। टीम ने पहुंचकर घटना के वक्त ड्यूटी स्टाफ नर्स अंजली और वंदना को साथ लेकर वार्ड में मरीजों के पास दवाएं रखने और फिर मरीजों को लगाने की घटना का सीन रिक्रिएशन कराया। इसके बाद सीएमएस डॉ. प्रमोद कुमार के कमरे में पीड़ित आयुष के बयान दर्ज किए गए। जांच टीम प्रभारी एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि अभी जांच चलेगी। सभी के बयानों और पत्रावली की जांच के बाद अध्ययन किया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसे हर हाल में सजा मिलेगी।
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कहां से आया एक्सपायर्ड फ्लूड
मरीज के पास जो एक्सपायर्ड फ्लूड चढ़ाने के लिए रखा गया, वह सरकारी आपूर्ति का ही था। जांच टीम के सूत्रों के अनुसार अस्पताल के मुख्य दवा स्टोर में आने वाली दवाओं का रजिस्टर जांचा गया। इसमें फ्लूड की बोतल पर पड़े बैच नंबर की बोतल यहां आई ही नहीं थी। अब सवाल उठता है कि आखिरकार फिर एक्सपायर्ड फ्लूड आया कहां से। जांच टीम इसका जवाब ढूंढने में जुटी है। हालांकि, बोतल पर पड़े बैच नंबर को उच्चस्तर पर भी जांचने की तैयारी चल रही है।
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