शमसाबाद। ग्राम सभा उलियापुर में सक्सेना जाति के एक सैकड़ा वोटरों को लेकर यादव प्रत्याशियों के बीच विवाद हो गया। मारपीट की नौबत आने से पहले पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने प्रत्याशियों को समर्थकों को लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया। डर के मारे सक्सेना जाति के वोटर बगैर वोट डाले ही मौके से भाग गए। इस दौरान उप जिलाधिकारी कायमगंज की पूर्व ब्लाक प्रमुख से तकरार हुई। उन्होंने दोनों प्रत्याशियों को निर्देश दिए कि वह वोटरों को वोट डालने से न तो रोकें और न ही उन पर दबाव बनाएं।
गांव उलियापुर यादव बहुल क्षेत्र है। इस गांव में सक्सेना जाति के करीब 100 वोटर हैं। ग्रामीणों की मानें तो कई सालों से यह लोग वोट डालने नहीं जाते हैं। मौजूदा समय में ग्राम सभा उलियापुर से गोपेश यादव और बिजेंद्र यादव प्रधान पद के प्रत्याशी हैं। शनिवार को प्रधान पद के प्रत्याशी गोपेश यादव सक्सेना जाति के वोटरों को लेकर मतदान केंद्र जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में बिजेंद्र यादव मिले और उन्होंने वोट डलवाने का विरोध किया।
इसी बात पर गोपेश यादव और बिजेंद्र यादव के समर्थकों के बीच नोकझोंक होने लगी। मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। सूचना मिलने पर एसडीएम कायमगंज अजीत प्रताप और सीओ कायमगंज प्रकाश कुमार फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों पक्षों के समर्थकों को लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया। एसडीएम कायमगंज ने प्रत्याशी गोपेश और बिजेंद्र यादव को हिदायत देते हुए कहा कि सक्सेना जाति के वोटरों को बुलाकर वोट डलवाएं।
एसडीएम की इसको लेकर बिजेंद्र यादव के भाई व पूर्व ब्लाक प्रमुख सुधीर यादव से भी नोकझोंक हुई। प्रधान पद के प्रत्याशी बिजेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने वोट डालने से सक्सेना जाति के लोगों को नहीं रोका है। यह आरोप गलत है। सबको वोट डालने का अधिकार है। वह लोग वोट डाल सकते हैं। फिलहाल विवाद की वजह से सक्सेना जाति के लोग वोट डालने नहीं गए।
30 साल से नहीं डाल रहे प्रधानी के वोट
शमसाबाद। प्रधानी के चुनाव में 30 साल से वह लोग वोट नहीं डाल रहे हैं। सक्सेना जाति के लोगों ने यह बात बताते हुए कहा कि ग्राम सभा उलियापुर यादव बहुल क्षेत्र है। इस ग्राम सभा में एक परिवार के लोग ही प्रधानी का चुनाव लड़ते चले आ रहे हैं। इसलिए वह लोग मतदान करने के लिए नहीं जाते हैं। गांव उलियापुर के रहने वाले लाला सक्सेना कहते हैं कि एक ही परिवार के लोग वर्षों से प्रधानी का चुनाव लड़ते चले आ रहे हैं।
इसलिए मनमुटाव के चलते वोट नहीं डालते हैं। महेश सक्सेना का कहना है कि प्रधान पद के चुनाव में जो प्रत्याशी खड़े हैं वह एक ही परिवार के हैं। असमंजस के चलते वोट नहीं डालते हैं। सुरेश सक्सेना, मुकेश सक्सेना और दिनेश सक्सेना आदि ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानी के वोट 30 सालों से वह लोग नहीं डाल रहे हैं। यादव बहुल गांव होने से यहां पर एक परिवार के ही लोग प्रधान पद के प्रत्याशी के रूप में खड़े होते हैं। इसीलिए आपसी मनमुटाव से वोट डालने नहीं जाते हैं। इस बार वोट डालने का मन बनाया तो यादव प्रत्याशियों के बीच विवाद हो गया। इससे दोबारा वोट डालने नहीं गए।