सर्राफा व्यापारी को पकड़ने के मामले में दुकानें बंद करते दुकानदार।
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चोरी की गांठ रखने का आरोप लगाकर सराफा दुकानदार को स्वाट टीम ने पीट दिया और साथ ले गए। इससे सराफा दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। सराफा कमेटी के पदाधिकारियों ने दुकानों को बंद करवाकर पूरे बाजार में घूम-घूमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
शहर कोतवाली के मोहल्ला तलैया फजल इमाम निवासी मन्नूलाल वर्मा की नेहरू रोड पर सराफा की पुरानी दुकान है। मंगलवार सुबह मन्नूलाल अपनी दुकान पर बैठे हुए थे। इस बीच स्वाट टीम दुकान के पास पहुंची। यहां से टीम प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी ने मन्नूलाल को दुकान से खींच लिया। मारपीट कर गाड़ी में डालकर ले गए।
यह देखकर आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी दुकानदार के परिजनों को दी। सूचना मिलने पर दुकानदार का भाई उमेश और बेटा शिवम परिवार के अन्य लोग मौके पर आ गए। परिजनों ने इसकी जानकारी सराफा कमेटी के अध्यक्ष मनोज रस्तोगी को दी। सूचना मिलने पर सराफा कमेटी के शिवांग रस्तोगी, नीरज गुप्ता, राजीव शुक्ला, विनोद कुमार, पप्पू और शैलेश समेत कई व्यापारी एकत्रित हो गए।
दुकानदार नेहरू रोड बाजार की सराफा दुकानों को बंद कराने में लग गए। इसके साथ ही कटरा डौरूनाथ से लेकर सेठगली की दुकानों को घूम-घूमकर बंद कराया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करनी शुुरू कर दी। व्यापारी के आक्रोश की जानकारी होने पर व्यापार मंडल के प्रांतीय मंत्री अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ और सराफा अध्यक्ष मनोज रस्तोगी एसपी सुभाष सिंह बघेल से मिलने के लिए पहुंच गए।
वहीं व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष संजीव मिश्र और राजू गौतम भी व्यापारियों के साथ आ गए। घुमना चौकी प्रभारी रामप्रकाश ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह लोग नहीं मानें। व्यापारियों का कहना था कि किसी व्यापारी को पकड़ने से पहले सराफा कमेटी या फिर व्यापार मंडल के अध्यक्ष से वार्ता करनी चाहिए थी।
अगर व्यापारी को पकड़ा भी था तो सरेबाजार उसकी पिटाई क्यों की गई। लता रहा। शिवांग रस्तोगी ने व्यापारियों से कहा कि पकड़े गए दुकानदार के छोड़े जाने की बात कही है। इसलिए वह लोग अपनी दुकानों को खोल लें।