भक्ति में शक्ति की सार्थकता सिद्ध करते साधुसंत रात-दिन गंगातट पर हरिनाम
कीर्तन में मस्त हैं। कीर्तन की मस्ती में वह इतना सराबोर हैं कि इन पर
कड़ाके की सर्दी का कोई प्रभाव नहीं दिखता है। भोर से शुरू संकीर्तन देर
रात में ही विराम लेता है। वहीं साधक रात के सन्नाटे में साधना में तल्लीन
हो जाते हैं। पूजा-अर्चन, सेवाव्रत लोगों की ईश्वर के प्रति अगाध
श्रद्घा
को दर्शाते हैं। ऐसा लगता है यह कल्पवासी नहीं, बल्कि हजारों देवदूत हैं,
जो किसी की आज्ञा का इंतजार किए बिना परमार्थ में लगे हुए हैं। मेला
क्षेत्र रात होते ही रंगबिरंगी रोशनी में डूबा दिखाई देता है। यहां से
गुजरने वाले यात्री यह नजारा देखने के लिए पुल पर डटे रहते हैं। बुधवार को
भले ही कुछ देर के लिए धूप निकली हो लेकिन इससे लोगों को काफी राहत मिली।
लोगों ने सूर्य देव को धन्यवाद किया। प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने
के प्रयास जारी हैं। वहीं कल्पवासी छोड़े गए पानी से काफी दिक्कतों का
सामना करते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन उनके हौसलों को देखकर लगता है कि वह
हार नहीं मानने वाले चाहें उनकी कितनी परीक्षा ली जाए। अस्पतालों में
मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डाक्टर दवाइयों का टोटा होने का रोना
रो रहे हैं। कथा, भागवत लोगों को सामाजिक समरसता का संदेश दे रही हैं।
वैदिक क्षेत्र भजनों से गूंजा
आर्य
प्रतिनिधि सभा की ओर से रामनगरिया में चल रहे चरित्र निर्माण शिविर में
योग एवं यज्ञ का आयोजन किया गया। कानपुर से आए धर्मदेव चतुर्वेदी ने भजन
सुनाए। इस अवसर पर दिव्या आर्या, आचार्य प्रदीप शास्त्री, सौभाग्यवती,
चंद्रदेव शास्त्री, हरिओम शास्त्री, दीपक आर्य, संदीप, बनवारी, अर्जुन,
अजीत, देवदत्त, कैलाश और वरुण कुमार आदि मौजूद रहे।
रोशनी से जगमगाया मेला क्षेत्र
मेला
क्षेत्र में भले ही भीड़ न उमड़ रही हो लेकिन शाम होते ही रंगबिरंगी
लाइटों से क्षेत्र जगमगा उठता है। यहां लगे छोटे-बड़े झूलों समेत सर्कस,
मौत के कुओं पर भी लाइटों का जाल बिछा है। दूर से इनकी छटा देखते ही बनती
है। लोग पुल पर खड़े होकर इसका आनंद लेते हैं।
अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा हेल्दी बेबी शो
डाक्टर
राममनोहर लोहिया महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर कैलाश ने मेला
रामनगरिया में बेबी हेल्दी शो का आयोजन किया। माताएं अपने नैनिहालों को
लेकर सर्दी में शो में शामिल होने आईं। शो में एक दर्जन से अधिक बच्चों ने
हिस्सा लिया। बच्चों की नापजोख, वजन के साथ ही उनके टीका कार्ड को भी
देखा गया। आयोजन में अफ रातफरी रही।
रासलीला का समापन
तीन
दिन तक चली रासलीला का बुधवार रात समापन हो गया। वृंदावन से आए कलाकारों
ने तीन दिन तक लोगों को बांधे रखा। लोगों ने भगवान कृष्ण की लीलाओं का खूब
आनंद लिया। कलाकारों ने मोर नृत्य, सुदर्शन चक्र नृत्य, सखी नृत्य प्रस्तुत
कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यहां जिलाधिकारी एनकेएस चौहान, एसपी विजय
यादव, मेला सचिव सुनील वर्मा ने भी रासलीला का जमकर लुत्फ उठाया। वहीं
मेला प्रभारी संदीप दीक्षित व्यवस्था संभालने में लगे रहे।
मेला क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी
मेला
क्षेत्र में हजारों कल्पवासी कल्पवास कर रहे हैं। प्रतिदिन हजारों लोगों
को भोजन कराया जाता है। इससे दोना, पत्तलों के जगह-जगह अंबार लगे हैं। वैसे
तो मेला क्षेत्र में पर्याप्त सफाई कर्मी लगाए गए हैं लेकिन अधिकतर के
ड्यूटी ज्वाइन न करने से सफाई में दिक्कतें आ रही हैं। मेला प्रभारी संदीप
दीक्षित का कहना है कि इस संबंध में कई बार अफसरों को लिखा जा चुका है
लेकिन कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में वह क्या कर सकते हैं।
तैरते दीपकों का नजारा अद्भुत
रामनगरिया
क्षेत्र में कथा, भागवत व धार्मिक अनुष्ठानों में लोग संलग्न दिखाई देते
हैं। जहां महिलाएं टोलियों में भजन-कीर्तन, गंगा पूजन व आरती करने में
व्यस्त हैं तो वहीं पुरुषों की टोलियां लोगों की सेवा में लगी हैं। शाम
होते ही महिलाओं के जत्थे गंगा की आरती उतारने के लिए जलते दीपक लेकर चलती
हैं तो ऐसा लगता है कि दीपमालिकाएं चल रही हों। गंगा में तैरते दीपकों का
नजारा अद्भुत होता है।
बढ़ा पानी, डूबी झोपड़ियां
गंगा के
जलस्तर को व्यवस्थित रखने के लिए नरौरा बांध से दो-तीन दिन के अंतराल में
पानी छोड़ा जा रहा है। इससे यहां तलहटी क्षेत्र में पानी भरने से
कल्पवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विगत एक सप्ताह से
कल्पवासी झोपड़ियों में पानी भरने से परेशान हैं। उत्तर, पश्चिम क्षेत्र
की प्रकाश व्यवस्था ध्वस्त है। लोग लालटेन और मोेमबत्ती का सहारा लेकर रात
गुजार रहे हैं।