उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद में एक अनोखा मामला सामने आया। जहां छत्तीसगढ़ में शादी के लिए गई बरात बिना दुल्हन के लौटी। दुल्हे की सरकारी नौकरी नहीं होने की वजह से जयमाला के बाद शादी टूट गई।
बरात में जयमाल की रस्म के बाद दुल्हन को पता चला कि दूल्हा सरकारी नहीं बल्कि प्राइवेट नौकरी करता है। इस पर दुल्हन ने शादी से इन्कार कर दिया। दोपहर को बिना दुल्हन के बरात लौट गई।
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने अपनी पुत्री का विवाह छत्तीसगढ़ के बलरामपुर निवासी इंजीनियर युवक से तय किया था। बिचौलिए ने बताया कि लड़का पक्ष कन्नौज में किराये पर रहता है। लड़का सरकारी इंजीनियर, उसके छह प्लाट व 20 बीघा जमीन है। शुक्रवार रात ग्रामीण की पुत्री की बरात कस्बा के गंगागली स्थित एक गेस्ट हाउस में आई। रात को बरात चढ़ने के साथ द्वारचार की रस्म हुई, बरातियों ने भोजन किया। देर रात जयमाला कार्यक्रम भी हो गया।
इसी दौरान रात करीब पौने एक बजे दुल्हन को खबर लगी कि दूल्हा सरकारी नहीं बल्कि प्राइवेट नौकरी करता है। इस पर उसने शादी की रस्मों को पूरा करने से इन्कार कर दिया।
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दोनों पक्षों के बीच बातचीत चलती रही। जब लड़की पक्ष शादी को तैयार न हुआ तो शनिवार दोपहर दूल्हा पक्ष की ओर से तिलकोत्सव में लिए गए दहेज के रुपये वापस किए गए। दूल्हा बिना दुल्हन के ही लौट गई। प्रभारी निरीक्षक अनुराग मिश्रा ने बताया कि मामले के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।