फर्रुखाबाद। लोकसभा चुनाव में बुधवार को सपा प्रत्याशी के हुए नामांकन में सभी नियम टूट गए। कलक्ट्रेट गेट पर भीड़ को रोकने के दौरान सपा समर्थकों की पुलिस से धक्कामुक्की हुई। बैरियर पर अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया। आखिरकार पुलिसिया अंदाज में ही सपाइयों को गेट के अंदर जाने से रोका गया।
लोकसभा चुनाव में 18 अप्रैल से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया में बुधवार को सर्वाधिक छह प्रत्याशियों ने जिलाधिकारी डॉ.वीके सिंह को नामांकन पत्र सौंपा है। बहुजन समाज पार्टी से नई बस्ती निवासी क्रांति पांडेय ने पर्चा दाखिल किया। वहीं, स्वतंत्र इंडियन लेबर पार्टी से भगुआ नगला निवासी विक्रांत सिंह, भारतीय जवान किसान पार्टी से सर्वोदय नगर निवासी विद्याप्रकाश, निर्दलीय में खलवारा निवासी मानसिंह यादव ने नामांकन किया है। शहर के रेटगंज ठंडी सड़क निवासी भाजपा सांसद मुकेश राजपूत की पत्नी सौभाग्वती राजपूत निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल कर चुनाव में मुकाबला करने की तैयारी में हैं।
समाजवादी पार्टी से सांसद पद के दावेदार श्यामनगर मझोला निवासी नवल किशोर काफिला के साथ नामांकन करने पहुंचे, तो पहले बैरियर पर ही नियम टूटते दिखे। पुलिस ने वाहन रोके और भीड़ को भी रोकने का प्रयास किया। कलक्ट्रेट गेट के पास बैरियर तक प्रत्याशी के साथ वाहन व अधिकतम 15 व्यक्ति जाने के निर्देश हैं। इसके बावजूद सपा समर्थकों की भीड़ बैरियर के आगे बढ़ने लगी। इस पर कहासुनी होने से अतिरिक्त फोर्स बुला लिया गया।
आखिरकार नारेबाजी करते हुए भीड़ आगे बढ़ गई। दूसरे बैरियर पर भी पुलिस ने उन्हें रोका। माहौल देख कलक्ट्रेट गेट पर फोर्स बढ़ा दिया गया। प्रत्याशी के साथ कलक्ट्रेट के अंदर समर्थकों को जाते देख सीओ ने उन्हें रोका तो सपाई बिफरने लगे। समझाने के बावजूद न मानने पर पुलिस ने भी सख्त रुख अपनाया तो जमकर कहासुनी के बीच मामला धक्कामुक्की तक पहुंच गया। सपाइयों की नारेबाजी और तेज हो गई। फिर पुलिस कर्मियों ने अपने अंदाज में सपाइयों को पकड़ा और धक्का देकर गेट से बाहर का रास्ता दिखाया। एक सपाई को पुलिस के डंडे का भी सामना करना पड़ा।
सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, महानगर महासचिव रजत क्रांतिकारी, पुष्पेंद्र सिंह, रफी अंसारी, अहमद अंसारी, पूर्व विधायक ताहिर सिद्दीकी, खुर्शीद अहमद आदि साथ रहे। जिले में सांसद पद पर भाजपा, सपा व बसपा सहित अब तक कुल 10 दावेदार नामांकन दाखिल कर चुके हैं।